लाखो रुपय खर्च कर अभियान चलाने वाले विभाग की नजर अबतक इन मासूमों पर नहीँ पढ़ी ये सोचनीय ह
कवर्धा,,सियासत दर्पण न्यूज़,- एक तरफ देखा जाये तो कागजो मे जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन एवं जिला बाल संरक्षणअधिकारी के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग पुलिस विभाग विशेष किशोर पुलिस इकाई एवं चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 की टीम द्वारा कार्य योजना अनुसार संयुक्त टीम बनाकर जिले के देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान रेस्क्यू एवं पुनर्वास के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।वहीं जिले मुख्यालय के अंतिम छोर मे बसे तहसील कुंडा का हाल कुछ इस तरह बया कर रहा जहाँ मासूम बालिकाये शिक्षा से कोसो दूर खेलने की उमर मे शराब की खाली बोतले बीनने के लिए मजबूर है,
सियासत दर्पण न्यूज़ के कवर्धा जिला ब्यूरो चीफ दुखहरण सिंह ठाकुर ज़ब वहा से गुजरे तो उनकी नज़र दो मासूम अबोध बच्चियों पर पड़ी जो शराब की खाली बोतले बीनने मे लगी थी ज़ब उनसे पूछा गया तो उन मासूमों नें बताया कि उनके पिता शराब और गांजे के आदि है जिसकी नशे की पूर्ति करने ये काम कर रही है नशा की लत आदमी को किस कदर जकड़ लेता है उसे पूर्ति करने के लिए नशेड़ी किस हद को पार करने मे लग जाता है जिसका जीता जागता उदाहरण जिले के ग्राम कुंडा मे दिख रहा,दरअसल यहां की दो अबोध मासूम बालिकाये

अपने पिता के बेरुखी के कारण कबाड़, शराब की खाली बोतले इकट्ठा कर बेचने विवश है, लाखो रुपय खर्च कर अभियान चलाने वाले विभाग की नजर अबतक इन मासूमों पर नहीँ पड़ा ये सोचनीय है










