Home / छत्तीसगढ़ / *रायपुर,,जश्ने ईदमिलादुन्नबी सल्ललाहो अलैह वसल्लम के जुलूस में सभी धर्म के लोग शामिल हो सकते हैं:अबुल हसन सैय्यद मोहम्मद अशरफ*

*रायपुर,,जश्ने ईदमिलादुन्नबी सल्ललाहो अलैह वसल्लम के जुलूस में सभी धर्म के लोग शामिल हो सकते हैं:अबुल हसन सैय्यद मोहम्मद अशरफ*

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हर विवाद का हल बातचीत से हो सकता

पैग़म्बरे इस्लाम के वंशज अबुल हसन हज़रत सैय्यद मोहम्मद अशरफ अशरफी उल जिलानी ने कहा- कुछ लोगों से ही माहौल खराब होता है

रायपुर,सियासत दर्पण न्यूज़,किसी भी धर्म या जाति का मामला हो वो बातचीत से सुलझाया जा सकता है। देश में कई ऐसे मामले आए जिसमें सभी ने सुप्रीम कोर्ट या अन्य कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए उसका अक्षरश: पालन किया। कुछ ही लोग होते हैं जो नहीं चाहते मामला सुलझे नहीं। ऐसे लोगों की पहचान खुद से ही करना होगा। जश्ने ईद मिलादुन्नबी सल्लाहो अलैह वसल्लम का जुलूस भले ही मुस्लिम समाज ने निकाला लेकिन इसमें सभी धर्म के लोग शामिल हो सकते हैं। इससे किसी को इंकार नहीं है। सरकारे दो आलम पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए हैं। यही वजह है कि देश के सभी समाज के लोगों के जुलूस में दूसरे धर्म के लोग भी उनका स्वागत करते हैं। ये भारत की परंपरा है। पैगबंरे इस्लाम के वंशज अशरफुल ओलमा हजरत अबूल हसन सैय्यद मोहम्मद अशरफ अशरफी जिलानी किछौछा उत्तरप्रदेश ने ये बातें सियासत दर्पण न्यूज़ रायपुर छत्तीसगढ़ से खास बातचीत में कही जश्ने ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम के जुलूस का नेतृत्व (कयादत) करने के लिए वे खास उत्तरप्रदेश से रायपुर आए थे। उन्होंने कहा कि इस्लाम में रहने वाले लोगों को अपनी जिंदगियों को पैग़म्बरे इस्लाम के बताए नसीहतों में ढालना चाहिए। क्योंकि सरकार दो आलम ने भी अपनी हयाते जिंदगी में इंसानियत की खिदमत का पैगाम दिया है। इस तरह के जुलूस का मकसद ये नहीं होता कि केवल जुलूस ही निकाला जाए। इससे यह संदेश दिया जाता है कि वे सब पैगंबरे इस्लाम से मोहब्बत करते हैं। उनकी अहमियत बताई जाती है साथ ही खुद का इमान को भी ताजा करते हैं। 1442 साल बाद भी अपने नबी के लिए हर मुस्लिम के दिल में उतनी ही मोहब्बत और अदब है। इंसानियत का दिया संदेश,उन्होंने कहा कि पैगबंरे इस्लाम ने हमेशा इंसानियत का ही पैगाम दिया। उन्होंने कभी किसी को कोई तकलीफ नहीं पहुंचाने की बात की है। इसलिए मुस्लमानों को उनके बताए रास्ते पर ही चलना चाहिए। शहर सीरतुन्नबी कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद मुख्तार अशरफी ने बताया कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी सल्ललाहो अलैह वसल्लम के अवसर पर मंगलवार को हज़रत सैय्यद जामी भागलपुर की तकरीर हुई, बुधवार को सीरत मैदान में मुफ्ती मोहम्मद अख्तरुल कादरी साहब की तकरीर हुई।इस तक़रीर के प्रोग्रम में काफी लोग मौजूद रहे,दोनों दिन के तक़रीर मे हज़रत सय्यद जामी साहब भागलपुर और हज़रत महबूब क़ादरी रिज़वी साहब हैदराबाद हज़रत अख्तरुल कादरी साहब खासतौर पर भागलपुर, और मुंबई से कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे।
20 सितंबर को सीरत मैदान में ही रात 9 बजे से ऑल इंडिया नातिया मुशायरा का आयोजन किया जाएगा। इसमें महबूब गौहर इस्लामपुरी बिहार, जौहर मुजफ्फरपुरी बिहार, शहबाज रजा नूरी कोलकाता, साजिद रजा साजिद हजारी बाग बिहार, कैशर जबलपुरी, डॉ. जहीर रहबर रायपुर, रमजान अख्तर रायपुरी और युसूफ अशरफी रायपुरी शामिल होंगे। 21 सितंबर को महिलाओं के लिए सीरत मैदान बैजनाथपारा में और 22 सितंबर को बच्चों के लिए शहीद स्मारक भवन में नातिया और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।”

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