बिलासपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) कांग्रेस भवन विवाद मामले में पूर्व महापौर राजेश पांडेय बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर खेद जताया और कहा कि मेरी मंशा किसी भी पदाधिकारी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। उनकी बातों को समझने में भूल कर दी गई। ये बातें पूर्व महापौर ने रविवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। कांग्रेस भवन में विवाद नया नहीं है। बैठकों के दौरान आला नेताओं के सामने पदाधिकारी अपनी भड़ास निकालते ही रहे हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। पूर्व मेयर राजेश पांडेय और पीसीसी के पदाधिकारी के बीच विवाद हुआ, गाली-गालौज भी हुई। बड़ी बात यह कि पूरा मामला इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो गया। बात इतनी बिगड़ी कि मामले में शहर अध्यक्ष विजय पांडेय को पूर्व महापौर को कारण बताओ नोटिस जारी करना। उन्होंने बंद लिफाफे में जवाब भी दे दिया है। यह मामला यही पर शांत नहीं हुआ। बात दिल्ली तक पहुंच गई। बिलासपुर जिला संगठन प्रभारी सुबोध ने एआइसीसी के महासचिव व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट से मिलकर कांग्रेस भवन की घटना का ना केवल जिक्र किया है वरन कार्रवाई की मांग भी की है। चर्चा तो इस बात की भी है कि हरितवाल सीधी कार्रवाई चाह रहे हैं।
*बिलासपुर में मिसल रिकॉर्ड में हेराफेरी कर वारिसों ने किया करोड़ों की जमीन हड़पने का खेल*
बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) लिंगियाडीह क्षेत्र में पूर्वजों की 1.80 एकड़ बेशकीमती भूमि को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने के लिए पिता-पुत्रों ने साजिश रची और एक ही जमीन का…









