Home / छत्तीसगढ़ / *चीनी मांझे से बच्चे की मौत पर मुख्य सचिव दें जवाब, मामले को हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान*

*चीनी मांझे से बच्चे की मौत पर मुख्य सचिव दें जवाब, मामले को हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) हाई कोर्ट ने रायपुर में रविवार को चीनी मांझे से सात साल के पुष्कर साहू की मौत और महिला अधिवक्ता पूर्णशा कौशीर के घायल होने की घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मुख्य सचिव 29 जनवरी तक जवाब प्रस्तुत करें। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए पूछा है कि प्रतिबंध के बावजूद चीनी मांझा बाजार में कैसे बिक रहा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और खतरनाक है। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से सवाल किया कि सरकार के प्रतिबंधात्मक नोटिफिकेशन के बावजूद मांझा खुलेआम कैसे उपलब्ध हो रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि मासूम की मौत के बाद उसके परिवार को क्या मुआवजा दिया गया है। साथ ही महिला अधिवक्ता के घायल होने के मामले में सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। दूसरी ओर सोमवार को कुछ दुकानों में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चीनी मांझा जब्त किया है। रायपुर के पचपेड़ी नाका क्षेत्र में रविवार को सात साल का पुष्कर साहू गार्डन में खेलते समय चाइनीज मांझे में फंसकर घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान मौत हो गई। इसी प्रकार, देवेंद्र नगर में महिला अधिवक्ता पूर्णशा कौशीर भी चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हो गईं। उनके गले और अंगूठे में घाव हो गया है। चीनी मांझे से फंसकर जान गंवाने वाले मासूम के पिता धनेश साहू इस घटना का जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन को मान रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतिबंधित होने के बाद भी शहर में खुलेआम चाइनीज मांझा बिक रहा है। मगर, इस पर रोक लगाने में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से नाकाम हैं, जिससे आए दिन घटनाएं हो रही हैं। हाईकोर्ट जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंधित सामग्रियों की खुलेआम बिक्री से यह साफ होता है कि सिस्टम सही ढंग से काम नहीं कर रहा है। ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि मुख्य सचिव अगली सुनवाई में जवाब प्रस्तुत करें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व की घटनाओं का विवरण और उनकी रोकथाम के उपायों की जानकारी भी पेश की जाए।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page