*युक्तियुक्तकरण के साइड इफेक्ट… 3 शिक्षकों की कमी थी, युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से 2 शिक्षक और कम हो गए,सियासत दर्पण न्यूज़ से सौरभ सतपथी की रिपोर्ट*

सियासत दर्पण न्यूज़ से सौरभ सतपथी की रिपोर्ट

सरायपाली- युक्तियुक्तकरण के साइड इफेक्ट… तोरेसिंहा स्कूल में कला संकाय बंद होने के कगार पर 3 शिक्षकों की कमी थी, युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से 2 शिक्षक और कम हो गए

सरायपाली.,, सियासत दर्पण न्यूज़ राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तिकरण प्रक्रिया को शैक्षणिक विकास की बड़ी पहल बता रही है। एक ओर जिला प्रशासन जहां प्रत्येक स्कूल में शिक्षकों की उपलब्धता की बात बयान कर रही है, वहीं एक वर्ष पूर्व ब्लॉक की एकमात्र टॉप 10 में विद्यार्थी देने वाला एकमात्र शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तोरेसिंहा में स्थिति इसके एकदम उलट है। यहाँ के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में वर्ष 2013 से कला और विज्ञान संकाय संचालित है।

आज तक विषयवार शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति नहीं हो सकी है। जब से स्कूल संचालित है, तीन शिक्षकों की कमी से विद्यालय जूझ रहा था, अब युक्तियुक्तकरण के तहत दो शिक्षक अतिशेष में चले जाने से कला संकाय संचालित करने शिक्षकों का अभाव है, ऐसी स्थिति में कला संकाय बंद करने की स्थिति आ गई है। विद्यालय प्रबंधन से मिली जानकारी अनुसार सत्र 2024-25 में 184
विद्यार्थी अध्ययनरत थे। इसके लिए व्याख्याता के 11 स्वीकृत पदों में से केवल 8 शिक्षक ही पदस्थ थे। रसायन, जीव विज्ञान, राजनीति विज्ञान जैसे विषय विना शिक्षकों के संचालित हो रहा था। विद्यालय में हिंदी विषय की व्याख्याता बासन्ती प्रधान को अतिशेष की श्रेणी में रखकर और वाणिज्य के व्याख्याता दिलीप त्रिपाठी को संकाय संचालित नहीं होने के कारण युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से अन्यत्र तबादला कर दिया गया है। यह बेहद गंभीर है कि, तोरेसिंहा स्कूल में पहले से ही शिक्षकों की कमी थी, उसके बावजूद 2 शिक्षकों को अतिशेष मानते हुए अन्यत्र भेज दिया गया। इस वर्ष विद्यालय में कला संकाय में, कमात्र भूगोल विषय का शिक्षक शेष रहने के कारण कई छात्र विद्यालय से पलायन करने बात कर रहें हैं। अभिभावक अपने बच्चों को अन्य स्कूलों में भेजने के लिए टीसी लेने के लिए भी विवश होगें, जिससे उन्हें आर्थिक और शैक्षिक दोनों स्तरों पर नुकसान हो रहा है। सुभाष प्रधान, सुशांत बढ़ाई, स्वरूप साहू, हरीश साहु व चन्द्रहास डडसेना ने बताया कि विद्यालय में पूर्व से शिक्षकों की कमी रही है। शिक्षकों की समस्या दूर करने बजाय अतिशेष के नाम पर शिक्षकों की कमी कर दी गयी है।

शिक्षकों की हो गई कमी- प्रभारी प्राचार्य तोरेसींहा

प्रभारी प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार प्रधान द्वारा बताया गया कि जब शासन द्वारा अतिशेष के संबंध में जानकारी मंगाया गया था। तब उन्होंने विद्यालय के समस्त व्याख्याताओं के द्वारा 4 कालखण्ड से अधिक अध्यापन कार्य करने के सन्दर्भ में जानकारी दी गई थी। सत्र 2024-25 में कुल 184 छात्र अध्ययनरत रहे हैं। कक्षा 9 वीं कुल दर्ज 75 है, जिन्हें शासन के नियमानुसार 2 सेक्शन में बांटा गया है। सेक्शन के आधार पर विद्यालय में हिंदी भाषा के एक अतिरिक्त व्याख्याता की आवश्यकता है। इस वर्ष 9वीं व 10वीं दोनों में 2 सेक्शन की आवश्यकता होगी, इन समस्त बातों को विभाग को अवगत कराया गया था. बावजूद इसके शासन द्वारा युक्तियुक्तिकरण के नाम पर विद्यालय में शिक्षकों की कमी कर दिया गया। रसायन, जीव विज्ञान व राजनीतिक विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षक वर्षों से नहीं हैं, अतिरिक्त शिक्षकों के समायोजन से सुचारु रूप से संचालित हो रहा था, विद्यालय का सामंजस्य व वैषयिक समायोजन का ही नतीजा है कि विद्यालय कि रिया साहू ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाई थी।

इस संबंध में विकास खण्ड शिक्षा

अधिकारी प्रकाश मांझी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जो अतिशेष के दायरे में है वही युक्तियुक्त करण में गए हैं जबरदस्ती कहीं भी किसी भी स्कूल से किसी भी शिक्षक को अतिशेष के रूप में नहीं निकाला गया है, तौरेसिंहा में जो संकाय संचालित नहीं था। वह अतिशेष की श्रेणी में आया है, संकाय चलाना प्राचार्य के ऊपर निर्भर है इस तरह अन्य हायर सेकेंडरी स्कूल भी है, जहां शिक्षक की कमी है बावजूद वहां संकाय संचालित हो रही है, अगर प्रमोशन में कोई आते हैं, तो वहां शिक्षक की कमी पूर्ति हो जाएगी। जितना जरूरत था उत्तना अतिशेष नहीं निकलने के कारण शिक्षक की कमी कई हायर सेकेंडरी स्कूल में बनी हुई है।

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