*डर के साए में पढ़ रहे हैं बच्चे, छात्रों ने कहा–हमें न्याय चाहिए…*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

महासमुंद।(सियासत दर्पण न्यूज़)  ज़िले के शासकीय प्राथमिक शाला खमतराई की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब वहां पढ़ रहे बच्चे भी खुलकर अपनी पीड़ा व्यक्त करने लगे हैं। स्कूल भवन की स्थिति इतनी जर्जर है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, फिर भी बच्चों की पढ़ाई इसी खंडहर जैसे भवन में जारी है। तीन साल से प्रधान पाठक, पालक और शाला समिति लगातार नए भवन की मांग कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग अब तक मौन है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब छात्र खुद अपना दर्द शब्दों में बयां कर रहे हैं।

कक्षा पाँचवीं में पढ़ने वाले छात्र राहुल पटेल ने कहा, “हमारी स्कूल की स्थिति बहुत ही बुरी है। हमें हर वक्त डर लगा रहता है कि छत या दीवार कहीं गिर न जाए। हम जैसे-तैसे पढ़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन डर बहुत लगता है। हम सभी से निवेदन करते हैं कि हमें नया स्कूल भवन दिया जाए। हम पढ़ना चाहते हैं, पर इस हालत में नहीं।

वर्ष 2003-04 में बने इस भवन में पहली से पाँचवीं तक के 72 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। भवन की छत का प्लास्टर जगह-जगह से टूट चुका है, बरसात में पानी टपकता है, दीवारें सीलन से कमजोर हो चुकी हैं और जगह-जगह दरारें साफ नज़र आती हैं। इसके बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।

बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के सवाल पर जब शाला प्रबंधन समिति से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि तीन वर्षों से विभाग को लगातार ज्ञापन दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक न तो नया भवन स्वीकृत हुआ है, न ही किसी अस्थायी इंतजाम की व्यवस्था की गई।

खमतराई स्कूल उन 45 स्कूल भवनों में शामिल है जिन्हें “डिस्मेंटल” (ध्वस्त) करने की स्थिति में रखा गया है। मीडिया द्वारा जब सवाल पूछा गया तो जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूल खुलने से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया था, और यदि अब तक नहीं हुई है तो वह इसकी जांच कराएंगे।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर जब विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया, तो ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन में स्कूल चलाने की पहल की है, लेकिन वहां भी सुविधाओं की कमी है, न मध्याह्न भोजन की रसोई है, न शौचालय की व्यवस्था। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page