*स्कूलों के बाद अब कॉलेजों में भी कुत्तों की निगरानी करेंगे प्रोफेसर*

रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) स्कूल शिक्षकों के बाद अब कॉलेज प्रोफेसरों को क्लासरूम में लेक्चर देने के साथ-साथ कैंपस में घूम रहे आवारा कुत्तों की निगरानी भी करनी होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों और प्रोफेसरों की जवाबदेही तय करते हुए उन्हें नोडल अधिकारी बनाने का आदेश जारी किया है।

आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नगर निगम और नगरपालिकाएं अपने क्षेत्र के कॉलेजों के प्राचार्यों को एक निर्धारित फॉर्मेट भेज रही हैं। इस फॉर्मेट में कॉलेज को बताना होगा कि उन्होंने कुत्तों की निगरानी के लिए किसे नोडल अधिकारी बनाया है और अब तक क्या कार्रवाई की है।

नए निर्देशों के मुताबिक, अगर अब कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपस में आवारा कुत्ते या मवेशी नजर आए, या कोई घटना हुई, तो इसके लिए सीधे तौर पर संस्थान के प्राचार्य और नियुक्त नोडल अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। उन्हें ही नगर निगम से समन्वय बनाकर कुत्तों को हटवाने का काम करना होगा।

विभाग इस आदेश को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य स्तर पर डॉ. टी. जलजा नायर को प्रभारी बनाया गया है। कॉ लेज के नोडल अधिकारियों को अपने नाम और नंबर वाला डिस्प्ले बोर्ड कैंपस में लगाना होगा और इसके फोटो सबूत के तौर पर उच्च शिक्षा संचालनालय को वाट्सएप करनी होगी।

अक्सर देखा गया है कि कैंटीन या कैंपस में खुले में फेंकी गई खाद्य सामग्री जानवरों को आकर्षित करती है। नई गाइडलाइन में इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा कैंपस की बाउंड्रीवॉल को दुरुस्त करना होगा। छात्रों की सुरक्षा के लिए फर्स्ट एड बॉक्स रखना अनिवार्य होगा।

पशु चिकित्सा विभाग की मदद से जागरूकता वर्कशॉप आयोजित करनी होंगी। आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 1100 का प्रचार करना होगा।

हम अकादमिक लोग हैं, विषय के विशेषज्ञ हैं। हम कोई एनिमल एक्सपर्ट या डॉग स्क्वाड का हिस्सा नहीं हैं, जो कुत्तों के व्यवहार या उनकी निगरानी कर सकें। प्राध्यापकों का तर्क है कि कैंपस की सुरक्षा और आवारा पशुओं को रोकना सिक्योरिटी गार्ड्स या स्थानीय निकाय का काम है। इसे शिक्षकों पर थोपना अव्यावहारिक है।

  • Related Posts

    *संवेदनशील पहल से सशक्त हो रहा स्वास्थ्य तंत्र, जरूरतमंदों के जीवन में आई नई उम्मीद*

    “सेवा की मिसाल: CSR पहल से जरूरतमंदों को मिला सहारा, स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती” “मानवता का हाथ थामे SBI: जरूरतमंद मरीजों के जीवन में आई नई उम्मीद” “संवेदना से…

    *रायपुर,,भारत वर्ष में गौ माता जी को स्टील के थाली में भोजन खिलाने का अभियान लगातार जारी _ दास जी साहू प्रदेश महासचिव छ.ग.*

    सियासत दर्पण न्यूज़ रायपुर की खबर डॉ राकेश दास जी मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं घनश्याम अग्रवाल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण फोरम नरेंद्र मोदी विचार के नेतृत्व में पूरे भारत…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    *IPL में CSK की हार से परेशान अश्विन का भावुक खुलासा*

    *IPL में CSK की हार से परेशान अश्विन का भावुक खुलासा*

    *संवेदनशील पहल से सशक्त हो रहा स्वास्थ्य तंत्र, जरूरतमंदों के जीवन में आई नई उम्मीद*

    *संवेदनशील पहल से सशक्त हो रहा स्वास्थ्य तंत्र, जरूरतमंदों के जीवन में आई नई उम्मीद*

    *रायपुर,,भारत वर्ष में गौ माता जी को स्टील के थाली में भोजन खिलाने का अभियान लगातार जारी _ दास जी साहू प्रदेश महासचिव छ.ग.*

    *रायपुर,,भारत वर्ष में गौ माता जी को स्टील के थाली में भोजन खिलाने का अभियान लगातार जारी _ दास जी साहू प्रदेश महासचिव छ.ग.*

    *रायपुर में ‘जिंदा दफन’ हुआ मजदूर*

    *रायपुर में ‘जिंदा दफन’ हुआ मजदूर*

    *SDM के पास चिकित्सा विशेषज्ञता और अधिकार क्षेत्र का अभाव*

    *SDM के पास चिकित्सा विशेषज्ञता और अधिकार क्षेत्र का अभाव*

    *CBSE और KVS में तीसरी कक्षा से ‘AI कंप्यूटेशनल थिंकिंग’ शुरू, शिक्षकों को 50 घंटे ट्रेनिंग*

    *CBSE और KVS में तीसरी कक्षा से ‘AI कंप्यूटेशनल थिंकिंग’ शुरू, शिक्षकों को 50 घंटे ट्रेनिंग*

    You cannot copy content of this page