Home / राजधानी / *गार्ड ऑफ ऑनर की परंपरा में बदलाव*

*गार्ड ऑफ ऑनर की परंपरा में बदलाव*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर: (सियासत दर्पण न्यूज़) राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में गार्ड ऑफ ऑनर की परंपरा को समाप्त कर दिया है। राज्य के मंत्रियों और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सामान्य दौरे, निरीक्षण और भ्रमण के दौरान दिए जाने वाले गार्ड ऑफ ऑनर की औपनिवेशिक परंपरा को समाप्त कर दिया है। हालांकि, यह निर्णय राष्ट्रीय और राजकीय आयोजनों पर लागू नहीं होगा।

गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, 21 अगस्त को शहीद पुलिस स्मृति दिवस, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस, राजकीय समारोहों तथा पुलिस दीक्षा परेड जैसे अवसरों पर सलामी गार्ड की व्यवस्था जारी रहेगी। गृह विभाग ने इस संबंध में नियमों में संशोधन का आदेश जारी कर दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

यह निर्णय उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर लिया गया है। उन्होंने गृह विभाग के अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर बदलाव करने के निर्देश दिए थे। समीक्षा के बाद विभाग ने निष्कर्ष निकाला कि औपनिवेशिक काल से चली आ रही यह परंपरा वर्तमान प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है और इससे पुलिस बल की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

संशोधित आदेश के अनुसार अब राज्य के भीतर सामान्य दौरों, जिला भ्रमण, निरीक्षण, आगमन-प्रस्थान के दौरान गृहमंत्री समेत अन्य मंत्रियों, पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सलामी गार्ड नहीं दिया जाएगा। पूर्व में प्रचलित यह व्यवस्था अब पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।

इससे पुलिस बल को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्ति मिलेगी और उनका समय व ऊर्जा कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और जनसेवा जैसे मूल दायित्वों में अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग हो सकेगा।

आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रोटोकॉल के अनुसार संवैधानिक पदों पर पदस्थ और विशिष्ट अतिथियों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत गार्ड ऑफ ऑनर की व्यवस्था बनी रहेगी।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page