बिलासपुर: (सियासत दर्पण न्यूज़) विवाहित महिला के अन्य पुरुष से जन्म लेने वाले बच्चों की कानूनी पहचान पहले पति से ही जुड़ी रहेगी। पितृत्व निर्धारण से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने फैमली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस ए.के. प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि यदि महिला का पहला विवाह कानूनी रूप से समाप्त नहीं हुआ है, तो उस दौरान जन्मे बच्चों को पहले पति की ही संतान माना जाएगा। भले ही महिला किसी अन्य पुरुष के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रही हो और वह व्यक्ति बच्चों को अपनी संतान स्वीकार करता हो।







