रायपुर । (सियासत दर्पण न्यूज़) मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा एक बार फिर चाइनीज मांझे के कारण जानलेवा साबित हुई। रायपुर में एक छात्र के गाल कट गए। वहीं भिलाई में एक ठेका मजदूर घायल हो गया। पहली घटना रायपुर के पंडरी एक्सप्रेस-वे पर हुई।
वह अपनी बड़ी बहन को स्कूल छोड़ने जा रहा था, तभी चलती गाड़ी में चाइनीज मांझा उसके चेहरे में फंस गया। इससे छात्र के गाल कट गए। वह लहूलुहान हो गया। छात्र को 34 टांके लगाने पड़े। हादसे में छात्र की बहन के हाथ भी मांझे से कट गए।
डॉक्टरों ने बताया कि चाइनीज मांझे से लगे घाव के निशान स्थायी रह सकते हैं, इसलिए प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी गई है। इस पहले रविवार शाम करीब 5 बजे पतंग के चाइनीज मांझे से कटने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
महिला शाम को पैदल मंदिर जा रही थी, तभी मांझा उनके चेहरे में फंस गया। महिला ने मांझा हटाने की कोशिश की, जिससे उनके होंठ और अंगूठे में गहरा कट लग गया। इन हादसों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा कैसे बिक रहा है?
हादसे के बाद शुक्रवार को रायपुर नगर निगम क्षेत्र में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा के खिलाफ कार्रवाई की गई। छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के सहयोग से बूढ़ापारा स्थित मोती पतंग भंडार और सत्ती बाजार स्थित संजय पतंग भंडार का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मोती पतंग भंडार से 110 नग और संजय पतंग भंडार से 55 नग प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया गया। कुल 165 नग चाइनीज मांझा मौके पर ही जब्त कर लिया गया। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भिलाई में मकर संक्रांति के दिन कुछ युवक चाइनीज मांझे से पतंग उड़ा रहे थे। साइकिल से घर लौटते समय पतंग का चाइनीज मांझा सीधे श्रमिक के गले में उलझ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल की पहचान असलम (42 वर्ष) निवासी चांदनी चौक, कोहका के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि असलम भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिक है। घटना के बाद उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
रायपुर की घटना के बाद छात्र संकल्प द्विवेदी निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के पास पहुंचा और कहा कि जो हादसा उसके साथ हुआ, वह किसी और परिवार के साथ न हो। छात्र ने आरोप लगाया कि निगम स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा है कि पीड़ित को हर संभव मदद दी जाएगी। उनके मुताबिक रायपुर में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने नगर निगम आयुक्त और जिला कलेक्टर से मांग की है कि चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
रायपुर के ब्राह्मणपारा निवासी नेहा यादव ने बताया कि वह रविवार शाम घर से पैदल मंदिर जाने निकली थी। मंदिर के पास पहुंचते ही अचानक कुछ उनके चेहरे से टकराया। जब उन्होंने उसे हटाने की कोशिश की तो पहले होंठ कट गया, फिर अंगूठा कट गया। उस समय कुछ समझ नहीं आया। अचानक खून बहने लगा।
तब देखा कि चेहरे में फंसा हुआ मांझा था। दर्द के कारण चीख निकल गई। आसपास के लोग दौड़कर आए। होंठ दबाकर खून रोका गया, तब तक कपड़े लहूलुहान हो चुके थे। इसके बाद वह नजदीकी डॉक्टर के पास गई, जहां डॉक्टर ने 10 टांके लगाए और आराम करने की सलाह दी। मांझा कहां से उड़कर आया, यह उन्हें समझ ही नहीं आया।
गौरतलब है कि रायपुर नगर निगम की टीम ने 27 दिसंबर को शहर की अलग-अलग दुकानों में छापेमारी की थी। दुकानों की तलाशी के दौरान बूढ़ातालाब स्थित सिटी पतंग भंडार से 2 किलो, मोती पतंग भंडार से 1 किलो और सदर बाजार के संजय पतंग भंडार से डेढ़ किलो प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जब्त किया गया। गोलबाजार के संगम काइट सेंटर का भी औचक निरीक्षण किया गया था।







