रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में लगी आग करीब 18 घंटे तक धधकती रही। शनिवार रात लगभग साढ़े आठ बजे लगी आग रविवार दोपहर करीब दो बजे जाकर बुझी। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने जांच समिति गठित की है।
गठित समिति में संजीव श्रीवास्तव, संभागीय संयुक्त संचालक को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं बजरंग प्रजापति, सहायक संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय तथा सतीश नायर, सहायक संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को सदस्य नियुक्त किया गया है। समिति को पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट संचालक, लोक शिक्षण को प्रस्तुत करनी होगी।
इधर, रविवार सुबह फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वीडियोग्राफी की। आग किस तरह लगी या लगाई गई, इसकी जांच की जा रही है। आग से 23 अलमारियां जलकर खाक हो गईं। इसके अलावा कर्मचारियों के कई व्यक्तिगत लैपटाप भी जल गए। डीईओ कार्यालय की ओर से घटना की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है।
कार्यालय में लगी आग में रायपुर जिले के 10 हजार से अधिक सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं जलकर नष्ट हो गईं। जले हुए दस्तावेजों में इन्हें सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन्हीं सेवा पुस्तिकाओं के आधार पर शिक्षकों की पेंशन, पदोन्नति, मासिक वेतन सहित नौकरी से जुड़े सभी कार्य निर्धारित होते हैं। अब इन दस्तावेजों को दोबारा तैयार करने में एक वर्ष से अधिक समय लग सकता है।
ये दस्तावेज जलकर नष्ट हुए
दो अलमारियों में रखे छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति संबंधी दस्तावेज।
तीन अलमारियों में रखे मध्याह्न भोजन से संबंधित दस्तावेज।
तीन अलमारियों में रखे भंडार कक्ष के दस्तावेज एवं स्टाक पंजी।
तीन अलमारियों एवं 45 बस्तों में रखे अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित कागजात।
चार अलमारियों एवं 80 बस्तों में रखे स्थापना एक, दो, तीन और चार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज।
एक अलमारी एवं 25 बस्तों में रखे मान्यता से संबंधित दस्तावेज।
एक अलमारी में रखे इंस्पायर अवार्ड से संबंधित दस्तावेज।
दो अलमारियों में रखे विधि कक्ष से संबंधित दस्तावेज।
दो अलमारियों में रखे वित्त, बजट, अनुदान एवं मदरसा से जुड़े दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटाप, टेबल, कुर्सी, अलमारी सहित अन्य सामग्री।
इसके अलावा लगभग 23 अलमारियों और 150 बस्तों में रखे पुराने दस्तावेज भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।







