कोरबा।(सियासत दर्पण न्यूज़) साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (एसईसीएल) कोरबा क्षेत्र की मानिकपुर खदान के ग्राम भिलाईखुर्द के भू-विस्थापितों का विवाद आठ साल बाद अंततः सुलझ गया है। पहले दिए गए मुआवजा के आधार पर ही जमीन खाली करने पर अड़ा प्रबंधन 6.78 लाख रुपये प्रति प्रभावित परिवार को विस्थापन मुआवजा देने पर राजी हो गया है।
मानिकपुर खदान के लिए वर्ष 1964 में प्रभावितों को मुआवजा तो दिया गया था, पर जमीन खाली नहीं कराई गई थी। उस वक्त बाजार मूल्य के आधार पर 14 एकड़ जमीन का 20 हजार मुआवजा दिया गया था।
करीब 62 साल बाद प्रबंधन को खदान विस्तार के लिए भूमि की आवश्यकता पड़ी है। अब विस्थापितों की पीढ़ी बदल गई है। लोग पहले दिए गए मुआवजा को अपर्याप्त बताते हुए जमीन खाली करने को राजी नहीं थे। इस वजह से प्रबंधन और प्रभावित आमने-सामने थे।







