रायपुर । (सियासत दर्पण न्यूज़) नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थी के आंदोलन का आज 27वां दिन है। डीएड अभ्यर्थी पिछले 24 दिसंबर से सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। सोमवार (19 जनवरी) को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
इस दौरान बैज ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ छल कर रही है, चुनाव के पहले जो वादा करके सत्ता में आई, चुनाव के बाद उन्हीं लोगों को अनदेखा किया जा रहा है। अनशन के बाद अभ्यर्थियों ने मौन व्रत करके भी प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शिक्षक भर्ती 2023 के तहत सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन भी शिक्षा विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप कर अनशन समाप्त कराने की मांग कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि (याचिका क्रमांक WPS 3052/2025, 3999/2025 और 3946/2025) में हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को आदेश पारित करते हुए सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा
यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। 17 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक रिकेश सेन ने शिक्षा मंत्री से सवाल किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद कितने बीएड सहायक शिक्षकों को हटाया गया और उनके स्थान पर कितने D.Ed अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई।
इस पर शिक्षा मंत्री ने सदन में बताया था कि 2621 बीएड सहायक शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। इनमें से 1319 पदों पर D.Ed अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 1302 पद अब भी रिक्त हैं। जब इन पदों पर भर्ती की समय-सीमा पूछी गई, तो मंत्री स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
अनिश्चितकालीन आमरण अनशन बैठे
शिक्षा मंत्री के इसी जवाब से नाराज होकर D.Ed अभ्यर्थी 24 दिसंबर 2025 से रायपुर के तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान सहित अन्य पदाधिकारियों ने मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश का तत्काल पालन किया जाए।
शिक्षक भर्ती 2023 के तहत सभी 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए और 1:3 के अनुपात में भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए, ताकि आंदोलनरत D.Ed अभ्यर्थियों का अनशन समाप्त हो सके।






