Home / राजधानी / *मास्टरमाइंड शशांक चोपड़ा के जीजा समेत तीन कारोबारी गिरफ्तार*

*मास्टरमाइंड शशांक चोपड़ा के जीजा समेत तीन कारोबारी गिरफ्तार*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन (CGMSC) से जुड़े रीएजेंट घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें घोटाले के मास्टरमाइंड शशांक चोपड़ा का जीजा प्रिंस जैन, दवा एवं उपकरण आपूर्तिकर्ता रिकॉर्ड एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रा.लि, पंचकुला के डायरेक्टर अभिषेक कौशल और श्री शारदा इंडस्ट्रीज, रायपुर के प्रोप्राइटर राकेश जैन शामिल हैं।

प्रिंस उस समय रिकॉर्ड एंड मेडिकेयर कंपनी में लाइजनर का कार्य कर रहा था। इस मामले में शासन को लगभग 550 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है। तीनों आरोपितों को सोमवार को विशेष कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

किससे संबंधित है ये मामला?

यह मामला छत्तीसगढ़ शासन की ‘हमर लैब’ योजना के अंतर्गत जिला अस्पतालों, एफआरयू, सीएचसी, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में निश्शुल्क डायग्नोस्टिक जांच के लिए खरीदे गए मेडिकल उपकरणों एवं रिएजेंट्स से संबंधित है। जांच में यह पाया गया है कि मोक्षित कॉर्पोरेशन द्वारा पुल टेंडरिंग के माध्यम से निविदा प्राप्त की गई, जिसमें रिकॉर्ड एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रा.लि और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निविदा में भाग लिया।
जांच में क्या आया सामने?

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि टेंडर में केवल यही तीन फर्में शॉर्टलिस्ट हुई थीं और इनके द्वारा भरे गए टेंडर दस्तावेजों में उत्पाद, पैक साइज, रिएजेंट एवं कंज्यूमेबल्स का विवरण एक समान पैटर्न में दर्शाया गया। यहां तक कि जिन उत्पादों का नाम निविदा दस्तावेज में स्पष्ट नहीं था, उन्हें भी तीनों फर्मों ने समान रूप से भरा।

दरों के कोटेशन में भी समानता पाई गई, जिसमें सबसे कम दर मोक्षित कॉर्पोरेशन, उसके बाद आरएमएस और श्री शारदा इंडस्ट्रीज द्वारा दर्शाई गई। इसके परिणामस्वरूप मोक्षित कॉर्पोरेशन ने सीजीएमएससी को एमआरपी से तीन गुना अधिक कीमत पर रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया।
27 तक होगी तीनों से पूछताछ

रविवार को पंचकूला समेत विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार तीनों आरोपितों को जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड की मांग की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि जनहित से जुड़ी “हमर लैब” योजना में हुए इस घोटाले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।

साक्ष्यों के आधार पर घोटाले में शामिल कुछ और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। इस बीच, रिएजेंट घोटाले की जांच ईडी भी कर रही है।

ईडी ने पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया था

हाल ही में ईडी ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के डॉयरेक्टर शशांक चोपड़ा को जेल से प्रोटेक्शन वारंट में गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया था। पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद सोमवार को ईडी ने शशांक को विशेष कोर्ट में पेश किया, जहां उसकी पुलिस रिमांड 23 जनवरी तक बढ़ा दी गई है।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page