रायपुर । (सियासत दर्पण न्यूज़) 30 जनवरी छत्तीसगढ़ वन विभाग शीघ्र ही मध्य प्रदेश से बाघों का आयात कर उन्हें गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व तथा उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में छोड़ने की तैयारी में जुटा है। इस उद्देश्य से दोनों टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार प्रजातियों हिरण आदि को प्रदेश के विभिन्न चिड़ियाघरों तथा अटारी स्थित नंदनवन जंगल सफारी से लाकर छोड़े जाने की भी योजना बनाई जा रही है। गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में आयातित बाघ को सॉफ्ट रिलीज देने के नाम पर लगभग एक हेक्टेयर का बाड़ा (एन्क्लोजर) भी तैयार किया जा रहा है। लेकिन आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि वन विभाग अपने ही यहां मौजूद, पूर्णतः स्वस्थ हो चुके एक बाघ को जंगल में छोड़ने के प्रति पूरी तरह उदासीन बना हुआ है और उसे अब भी कैद में रखा गया है।







