अंबिकापुर: (सियासत दर्पण न्यूज़) शहर के गांधीनगर थाना अंतर्गत फुंदुरडिहारी, महुआपारा में रहने वाली एक विवाहिता फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतका के पिता सहित अन्य परिवार के सदस्यों ने मृतका की हत्या करने के बाद फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया है।
मंगलवार को काफी संख्या में पहुंचे मायके पक्ष के लोग आक्रोशित होकर मेडिकल काॅलेज अस्पताल परिसर में ससुराल पक्ष पर भड़क गए और नौबत मारपीट की बन गई, जिसे पुलिस ने किसी तरह समझाइश देकर शांत कराया।
मृतका के पति गिरधर चैधरी ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि सोमवार नौ फरवरी को उसके बड़े पुत्र रूद्र चैधरी (10) का जन्मदिन था। रूद्र बिना नहाए कहीं घूमने के लिए चला गया था, और दोपहर करीब 12.30 बजे वापस घर आया। बच्चे के घर आने पर उसकी मां फूलकुमारी (37) ने गुस्से में किचन में पकाकर रखे गए चावल को कुकर सहित फेंक दिया, जो बच्चे की जगह स्वयं गिरधर को लगा, जिससे उसका चेहरा भी झुलस गया है।
बाथरूम में लटका मिला महिला का शव
इसके बाद फूलकुमारी कहीं चले गई थी। काफी देर तक जब वह नजर नहीं आई, तो परिवार के सदस्य उसकी खोजबीन आसपास और घरों में करना शुरू किया। वह बाथरूम में कंडी के सहारे फांसी पर लटकी थी। स्वजन फांसी से उतारकर उसे बनारस रोड में स्थित अस्पताल ले गए।
यहां से जांच के बाद रेफर करने पर परिजन उसे मेडिकल काॅलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन चिकित्सा परिसर में जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे।
वहीं सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम गुतुरमा निवासी मृतका फूलकुमारी के पिता तीरथ राम चौधरी का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी का विवाह हरिद्वार में रहने वाले मणिकांत चैधरी से किया था, जो वर्तमान पति गिरधर चौधरी का भाई है। शादी के बाद गिरधर अपनी भाभी को भगाकर ले आया था, और पत्नी बतौर साथ रखा था। शुरू में तो इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की, दो बच्चों के होने के बाद दोनों के दाम्पत्य जीवन के बीच उन्होंने दखल देना छोड़ दिया।
आरोप है कि गिरधर आए दिन उनकी बेटी को मारपीट करते हुए प्रताड़ित करता था, बेटी के मायके आने पर भी वह मारपीट करता था। सोमवार को उन्हें बेटी के फांसी लगाने का पता चला। मेडिकल काॅलेज अस्पताल आने पर बेटी का शव मोर्चरी में रखा मिला। मंगलवार को मृतका के मायके पक्ष के लोग मेडिकल काॅलेज अस्पताल पहुंचे।
इस दौरान आपातकालीन चिकित्सा परिसर के सामने मृतका के पति सहित परिवार के अन्य सदस्यों से इनका सामना हो गया, और वे आवेशित हो गए। नौबत मारपीट की बन गई। शोर सुनकर मौके पर अस्पताल के पुलिस सहायता केंद्र में मृतका के पिता से पूछताछ कर रहे प्रधान आरक्षक फलेन्द्र पैकरा सहित अन्य सहयोगी आरक्षक पहुंचे, और किसी तरह इन्हें शांत कराया। इसके बाद भी काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।








