*बेटे की मृत्यु के बाद माता-पिता एक साथ फांसी पर झूले*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

शिवरीनारायण राहौद। (सियासत दर्पण न्यूज़) सालभर पहले सड़क दुर्घटना में जवान बेटे को खोने के बाद सदमे में जी रह रहे पति-पत्नी ने रविवार की रात घर की बाड़ी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ तो ग्रामीणों ने भीतर झांककर देखा तो दंपती फांसी के फंदे पर लटके दिखाई दिए।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। यह हृदय विदारक घटना शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत धरदेई की है।

नीम के पेड़ की डाल में फंदे पर लटके मिले

जानकारी के अनुसार धरदेई निवासी रमाबाई पटेल (47 वर्ष) और उनके पति कृष्णा पटेल (48 वर्ष) के शव सोमवार को घर के अंदर बाड़ी में नीम के पेड़ की डाल में फंदे पर लटके मिले। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। ग्रामीणों ने भीतर झांककर देखा तो दंपती फांसी के फंदे पर लटके दिखाई दिए।

इकलौते बेटे की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी

इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि सालभर पहले ही दंपती के इकलौते बेटे आदित्य की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। जवान बेटे की मौत से दोनों गहरे सदमे में थे। बेटे के निधन के बाद से वे मानसिक रूप से काफी व्यथित और अवसादग्रस्त नजर आ रहे थे।

आत्महत्या से पहले दंपती ने वीडियो भी बनाया था

आत्महत्या करने के पहले दंपती ने एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें वे भावुक संदेश देते हुए अपने बेटे की जीवन बीमा की मिलने वाली राशि को अपने बड़े भाइयों को देने के बात कही है। दंपती के द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम से स्वजन और ग्रामीण स्तब्ध हैं। पूरे गांव में शोक का वातावरण है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

घटनास्थल से मिला दो पन्नों का सुसाइड नोट

घटनास्थल से दो पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पत्र में कृष्ण कुमार और उनकी पत्नी रमा देवी ने अपने इकलौते पुत्र आदित्य की याद में गहरी व्यथा व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है कि आदित्य उनके जीवन का आधार और पूरा संसार था।

पत्र के अनुसार, आदित्य न केवल आज्ञाकारी पुत्र था, बल्कि एक मित्र और अभिभावक की तरह उनकी देखभाल करता था। उसके रहते उन्हें किसी प्रकार की चिंता नहीं रहती थी। अपने अंतिम संदेश में उन्होंने धार्मिक आस्था का उल्लेख करते हुए स्वयं को भगवान शिव को समर्पित करने की बात लिखी है।

जीवन की सबसे बड़ी भूल

पत्र में एक विशेष घटना का जिक्र करते हुए दंपती ने लिखा कि एक बार उनका पुत्र किसी धार्मिक कार्यक्रम यज्ञ प्रचार एवं मंदिर निर्माण के सिलसिले में चंदन बाबा के साथ धोराभाठा गांव जाना चाहता था।

बाद में उसने जाने से मना कर दिया, किंतु माता-पिता ने इसे धार्मिक कार्य समझकर उसे भेज दिया। दंपत्ति ने इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल बताया है और लिखा है कि उसी के बाद उन्होंने अपने पुत्र को खो दिया।

दिन में की महाशिवरात्रि की पूजा

ग्राम पंचायत धरदेई के सरपंच साकेत साहू ने बताया कि मृतक दंपती मिलन सार और धार्मिक प्रवृत्ति के थे। घर में नियमित पूजा पाठ करते थे। रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व होने के कारण दिन में पति पत्नी ने घर में भगवान शंकर की पूजा की।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page