Home / राजधानी / *महादेव एप पर ईडी का धमाका: 1,700 करोड़ की संपत्ति कुर्क, बुर्ज खलीफा भी शामिल*

*महादेव एप पर ईडी का धमाका: 1,700 करोड़ की संपत्ति कुर्क, बुर्ज खलीफा भी शामिल*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप के खिलाफ जारी जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्रकर, रवि उप्पल समेत उसके अन्य सहयोगियों से जुड़ी 1,700 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। बड़ी बात यह है कि ईडी ने दुबई स्थित दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा स्थित संपत्तियों समेत कई आलीशान विला और मकानों को अपने कब्जे में लिया है। इस कार्रवाई में दुबई की 18 और नई दिल्ली की दो प्रॉपर्टी शामिल हैं, जो प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं।
सट्टेबाजी के काले धन से खरीदे आलीशान विला

जांच एजेंसी के मुताबिक, दुबई में अटैच की गई संपत्तियां किसी आम निवेश का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इनमें दुनिया की सबसे महंगी और लग्जरी रियल एस्टेट शामिल है। दुबई हिल्स एस्टेट में आलीशान विला और अपार्टमेंट, हिल्स व्यू, फेयरवे रेजिडेंसी और सिडरा जैसी प्रीमियम सोसाइटी, बिजनेस बे के हाई-एंड फ्लैट्स, एसएलएस होटल एंड रेजिडेंस के लक्जरी अपार्टमेंट के साथ बुर्ज खलीफा में मौजूद प्रॉपर्टी शामिल हैं। रायपुर स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह अंतरिम आदेश जारी किया है।

भारत से दुबई तक फैली प्रमोटरों की अचल संपत्तियां

प्रमोटरों की जब्त की गई संपत्तियों में न केवल दुबई की गगनचुंबी इमारतें और महंगे विला शामिल हैं, बल्कि भारत के विभिन्न हिस्सों में स्थित संपत्तियां भी इस जब्ती का हिस्सा हैं। जांच में सामने आया है कि सट्टेबाजी के काले कारोबार से कमाए गए पैसों को सफेद करने के लिए इन विदेशी अचल संपत्तियों में निवेश किया गया था। महादेव एप के मुख्य सूत्रधार मूलतः भिलाई निवासी सौरभ चंद्रकर और रवि उप्पल इस समय भारतीय एजेंसियों की रडार पर हैं।
राजनेताओं और अधिकारियों के संरक्षण का भी दावा

जहाँ चंद्राकर के संयुक्त अरब अमीरात में होने की संभावना है, वहीं रवि उप्पल के वानुअतु भाग जाने की सूचना है। भारत सरकार लगातार इन दोनों आरोपितों के प्रत्यर्पण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास कर रही है ताकि उन्हें भारतीय कानून के समक्ष लाया जा सके। ईडी ने अपनी जांच में यह दावा किया है कि इस अवैध सट्टेबाजी साम्राज्य को चलाने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य के कई राजनेताओं और अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था। महादेव एप के जरिए न केवल आम जनता को ठगा गया, बल्कि करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन और अवैध वित्तीय संचालन को अंजाम भी दिया गया।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page