बोडला। (सियासत दर्पण न्यूज़) जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रानीदहरा जलप्रपात में पिछले दिनों मिली महिला की लाश के मामले में पुलिस ने राजफाश किया है। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध लग रही यह घटना एक सोची-समझी हत्या की साजिश निकली। प्रेम संबंधों में बढ़ते तनाव और शादी के दबाव के चलते आरोपित ने अपनी ही प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को पत्थरों के सहारे पानी में डुबो दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपित को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
शादी का दबाव और बढ़ता विवाद
पुलिस की सघन जांच में सामने आया है कि मृतका सुखमती बाई बैगा (24 वर्ष), निवासी मुंगेली, का ग्राम दरवाजा (लोरमी) निवासी देवेंद्र प्रसाद जायसवाल (26 वर्ष) के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था।
आरोपित देवेंद्र महिला से विवाह करना चाहता था, लेकिन सुखमती पहले से शादीशुदा थी और दो बच्चों की मां थी, जिसके कारण वह शादी के लिए तैयार नहीं थी।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
जांच में यह भी पता चला कि दोनों एक बार पहले दिल्ली भी भाग चुके थे, लेकिन महिला के कहने पर वापस लौट आए थे।
इसके बाद महिला ने आरोपित से दूरी बनाना शुरू कर दिया था, जिससे विवाद और गहरा गया।
सुनसान इलाके में वारदात को दिया अंजाम
पुलिस के अनुसार, 16 मार्च को आरोपित देवेंद्र ने विवाद सुलझाने और घुमाने के बहाने सुखमती को रानीदहरा जलप्रपात बुलाया। जलप्रपात के आसपास सुनसान इलाके का फायदा उठाकर आरोपित ने महिला का गला घोंट दिया। हत्या के बाद आरोपित ने शातिर दिमाग लगाते हुए शव के साथ भारी पत्थर बांध दिए और उसे गहरे पानी में फेंक दिया। उसका मकसद यह था कि लाश ऊपर न आए और मामला एक सामान्य डूबने की दुर्घटना जैसा प्रतीत हो। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित तुरंत राज्य छोड़कर फरार हो गया।
पर्यटकों की सूचना पर खुला राज
घटना के तीन दिन बाद, 19 मार्च को रानीदहरा पहुंचे कुछ पर्यटकों की नजर पानी में तैरते शव पर पड़ी। सूचना मिलते ही बोडला पुलिस मौके पर पहुँची और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। शव की शिनाख्त सुखमती बाई के रूप में होने के बाद पुलिस ने मृतका के काल रिकॉर्ड्स और परिजनों के बयानों के आधार पर जांच की दिशा तय की। संदेह की सुई तुरंत उसके प्रेमी देवेंद्र की ओर घूमी, जो घटना के दिन से ही गायब था।
पुणे से दबोचा गया कातिल
मामले की गंभीरता को देखते हुए कबीरधाम पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल और विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आरोपित के मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया, जो महाराष्ट्र के पुणे में मिली। तत्काल एक टीम पुणे भेजी गई, जहाँ घेराबंदी कर आरोपित देवेंद्र प्रसाद जायसवाल को धर दबोचा गया। पूछताछ में आरोपित ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस अब आरोपित को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।







