अंबिकापुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) अंबिकापुर से लगे भगवानपुर खुर्द लोहारपारा बस्ती में मिथलेश कुजुर (45) ने दोस्त बृजलाल अगरिया (34) की डंडे से वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने पत्नी राजकुमारी के साथ मिलकर शव को घर पर ही दफना दिया। लगातार इधर-उधर भटकने के दौरान वह मानसिक रूप से विचलित हो गया। उसे यह ख्याल आने लगा था कि मृतक की परछाई हमेशा उसके इर्द-गिर्द रहती है। आखिरकार मानसिक डर के कारण वह मंगलवार की रात गांधीनगर थाने पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों से उसने कहा, “साहब! मैंने अपने दोस्त की हत्या कर शव दफना दिया है। शव को बाहर निकलवा उसका अंतिम संस्कार करवा दीजिए।”
मिट्टी के ढेर के नीचे मिला शव
पुलिसकर्मियों को अचानक उसकी बातों पर विश्वास नहीं हुआ। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जिस व्यक्ति की हत्या की बात आरोपित कर रहा है, वाकई वह लापता है। बुधवार को सीएसपी राहुल बंसल (आईपीएस) के साथ पुलिस टीम ने कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में मृतक का घर खोला। घर की परछी में मिट्टी के ढेर पड़े थे। वहीं से दफन शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप पर मिथलेश कुजुर व उसकी पत्नी राजकुमारी सिंह को हिरासत में ले लिया है।
शराब के विवाद में टूटा मोबाइल और सिर पर मार दिया डंडा
मृतक बृजलाल अगरिया और आरोपित मिथलेश कुजुर का घर आमने-सामने ही है। मेहनत-मजदूरी कर दोनों परिवार जीवन यापन करते थे। घटना दिवस 24 मार्च की रात मृतक बृजलाल शराब लेकर आरोपित के घर पहुंचा था। उसने आरोपित पर शराब सेवन के लिए दबाव बनाया। आरोपित ने इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद और झूमाझटकी शुरू हो गई। विवाद के बीच आरोपित का मोबाइल जमीन पर गिरकर टूट गया। आक्रोशित होकर उसने डंडे से बृजलाल के सिर पर वार कर दिया। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तब आरोपित ने पत्नी राजकुमारी के साथ मिलकर शव को दफना दिया।
गड्ढे को लेकर पुलिस कर रही जांच
पुलिस इस तथ्य की जांच कर रही है कि यह घटना क्षणिक आवेश में हुई या सुनियोजित साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया गया। क्योंकि आरोपित मिथलेश कुजुर ने पहले से ही घर की परछी में गड्ढा खोद कर रखा था। एक व्यक्ति इतना लंबा, चौड़ा और गहरा गड्ढा एक दिन में नहीं खोद सकता, इसलिए यह भी संदेह जताया जा रहा है कि योजनाबद्ध तरीके से पहले से ही गड्ढा खोद कर रखा होगा। हालांकि आरोपित यह बोल रहा था कि सूअर पालन के लिए उसने गड्ढा खोद कर रखा था।
मृतक की ‘परछाई’ ने नहीं छोड़ा पीछा
मृतक बृजलाल की हत्या के बाद आरोपित ने शव को पत्नी के साथ मिलकर गड्ढे में डाल दिया। उसने सीधे उस पर मिट्टी नहीं डाली बल्कि शव के ऊपर एक प्लाईवुड रख दिया था। उसके बाद मिट्टी से गड्ढे को भर दिया था। शेष मिट्टी का ढेर नजदीक में ही पड़ा हुआ था। घटना के बाद आरोपित दंपती एक दिन भी उस घर पर नहीं रहा। दोनों भागे-भागे फिरते रहे। नजदीक की बस्ती बढ़नीझरिया के साथ ही वे जंगल में भी रहे, लेकिन आरोपित को डर सताने लगा था कि मृतक की परछाई उसका पीछा कर रही है। वह इतना डर गया कि सीधे पुलिस के पास पहुंच घटना की सच्चाई बता दी।
परिजनों को लगा काम पर गया होगा बाहर
मृतक बृजलाल के लापता होने के बाद भी घरवालों को संदेह नहीं हुआ। उसके पिता का एक दूसरा घर है। घटना के कुछ दिनों पहले से बृजलाल अकेले रह रहा था। उसके परिवार का कोई भी सदस्य साथ नहीं था। बाद में स्वजन आए भी, लेकिन बृजलाल के नहीं मिलने पर उन्हें लगा कि वह रोजी-रोजगार के चक्कर में कहीं बाहर चला गया होगा, इसलिए उन्होंने संदेह नहीं जताया था। हालांकि, आरोपित ने बढ़नीझरिया बस्ती में कुछ लोगों से हत्या और साक्ष्य छिपाने के लिए शव दफनाने की बात कही थी, लेकिन उसकी सनकी प्रवृत्ति के कारण लोगों ने विश्वास नहीं किया था। आरोपित गुस्सैल प्रवृत्ति का था और पहले भी कुछ लोगों पर गुलेल से हमला कर चुका था।
आरोपित स्वयं थाने पहुंचा था। आरोपित द्वारा हत्या कर शव दफनाने की जानकारी देने पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति में शव बाहर निकलवाया गया। विवाद के दौरान मोबाइल टूट जाने के कारण आक्रोशित होकर हत्या कर देने की जानकारी आरोपित ने दी है। किन ख्यालों के कारण वह थाना आकर घटना की जानकारी दी, इसकी पुष्टि पुलिस नहीं कर सकती। – राहुल बंसल (आईपीएस), नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर






