सियासत दर्पण न्यूज़ रायपुर की खबर
रायपुर,, सियासत दर्पण न्यूज़,,सुन्नी हनफ़ी जामा मस्जिद बैरन बाज़ार के इमामो ख़तीब और ऑल इंडिया उलमा मशाइख़ बोर्ड छत्तीसगढ़
के अध्यक्ष ख़लीफ़ा ए हुज़ूर शैखुल इस्लाम हज़रत अल्लामा मौलाना हाफिज़ व कारी डॉ मोहम्मद इमरान अशरफी साहब को आम सहमति से रायपुर शहर का क़ाज़ी चुना गया।
आज रात 9 बजे मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन व दारुल यतामा, बैजनाथ पारा रायपुर में छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज साहब की अध्यक्षता में मीटिंग हुई जिसमें सुप्रसिद्ध अधिवक्ता फ़ैसल रिज़वी, सीरतुन्नबी कमेटी रायपुर के सदर सोहेल सेठी, नोमान अकरम हामिद (पूर्व सदर शहर सीरतुन्नबी कमेटी रायपुर व जनरल सेक्रेटरी ऑल इंडिया उलेमा व मशाइख बोर्ड छत्तीसगढ़),छत्तीसगढ़ ग़ौसुल आज़म कमेटी के सदर फुरकान अशरफी, सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए उलेमा ए केराम, मस्जिदों के मुतवल्ली, कई तंज़ीमो (संगठनों) के ज़िम्मेदार, सामाजिक प्रतिनिधि और जिम्मेदार नागरिक शामिल हुए। सभी ने आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से इस अहम पद के लिए योग्य व्यक्ति के चयन पर जोर दिया। इस दौरान ओलमा-ए-कराम की ओर से तीन प्रमुख नाम सामने रखे गए, जिनमें कारी इमरान अशरफी, मुफ्ती एहतेशाम फारुकी और मुफ्ती मोहम्मद अय्यूब अजहरी शामिल थे। इन तीनों नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। उनके धार्मिक ज्ञान, सामाजिक योगदान, अनुभव और नेतृत्व क्षमता को ध्यान में रखते हुए विचार किया गया। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी राय रखी और अंततः जनाब नोमान अकरम हामिद (जनरल सेक्रेटरी ऑल इंडिया उलेमा व मशाइख बोर्ड छत्तीसगढ़) ने क़ारी डॉ इमरान अशरफी साहब का नाम पेश किया जिसपर सर्वसम्मति से कारी इमरान अशरफी के नाम पर सहमति बनी।


नवनियुक्त शहर काजी कारी इमरान अशरफी ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द बनाए रखने पर विशेष जोर दिया और कहा कि वे सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास करेंगे। आपने जो ज़िम्मेदारी मुझे दी है उसपर चलना आसान नही है ये बहुत अहम ज़िम्मेदारी है और इसे पूरा करने के लिए आप सबका साथ बेहद जरूरी है। और हम पैग़म्बर ए इस्लाम और सूफिया ए केराम की तालीमात और अख़लाक़ी किरदार को अपनाने और उस पर अमल करने की ज़रूरत है, किस तरह हमारे सूफिया ने ग़ैरो के दिलों मे अपनी जगह बनाई, उसकी सबसे बड़ी वजह ये रही कि उन्होंने ने कभी नफरत से काम नहीं लिया बल्कि मोहब्बत से और अपने किरदार से उन सभी के दिलों को जीता है। हम सबको उसी अख़लाक़ और किरदार को अपनाने की जरूरत है। क्योंकि नफरत को कभी नफरत से और बुराई को कभी बुराई से नहीं खत्म किया जा सकता अगर खत्म किया जा सकता है तो उसका एक ही हथियार है वो सिर्फ मोहब्बत है और यही सुफ़िया ए केराम तरीका भी है जिसपर हम चलकर कामयाब हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज साहब क़ाज़ी ए शहर को मुबारक बाद देते हुए आशा व्यक्त की कि आप इस पद की गरिमा को बनाये रखते हुए बहुत अच्छे काम करेंगे। शहर काजी का पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जो समाज को धार्मिक, सामाजिक और नैतिक दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कारी इमरान अशरफी अपने अनुभव और ज्ञान के बल पर समाज को एकजुट रखने और सही मार्गदर्शन देने में सफल रहेंगे।
अधिवक्ता फ़ैसल रिज़वी साहब के धन्यवाद ज्ञापन के साथ मौजूद लोगों ने कारी इमरान अशरफी को शहर काजी चुने जाने की घोषणा होते ही बैठक में मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर कई उलेमा और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि कारी इमरान अशरफी एक विद्वान, सुलझे हुए और समाज के प्रति समर्पित व्यक्ति हैं, जो इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे।
देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कारी इमरान अशरफी अपने अनुभव और ज्ञान के बल पर समाज को एकजुट रखने और सही मार्गदर्शन देने में सफल रहेंगे।
शहर सीरतुनबी कमेटी के पूर्व सदर नोमान अकरम, वर्तमान सदर सोहेल सेठी, समाजसेवी अब्दुल कलीम अशरफ, छत्तीसगढ़ गौसुल आजम कमेटी के सदर मोहम्मद फुरकान, बदरुद्दीन खोखर, नदीम मेमन, मुजाहिद अली फारूकी,परवेज अख्तर,मोहम्मद अफसर(अचचु) रमीज़ अशरफ, सलीम चिश्ती (सियासत दर्पण न्यूज़ रायपुर) ऑल इंडिया उलमा व मशाइख़ बोर्ड छत्तीसगढ़ के सलीम अशरफी चिश्ती,अय्युब दानी अशरफी, जी डी नियाज़ी, फैय्याज अशरफी एडवोकेट, मोहसीने आज़म मिशन के आरिफ़ अशरफी, फ़हीम अशरफी, रोशन अशरफी सहित अनेको लोगो नवयुक्त काजी-ऐ-शहर को मुबारकबाद दी
बैठक का समापन दुआ के साथ हुआ, जिसमें समाज की तरक्की, अमन-चैन और आपसी एकता के लिए विशेष प्रार्थना की गई।






