रायपुर: (सियासत दर्पण न्यूज़) प्रदेश में पारिवारिक रिश्तों के बीच पनप रहा अविश्वास अब खतरनाक रूप लेता जा रहा है। पति-पत्नी के बीच होने वाले विवाद अब केवल कहासुनी तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि कई मामलों में यह जघन्य हत्याओं तक पहुंच रहे हैं। हाल के दिनों में कोरबा, धमतरी और दुर्ग से सामने आई घटनाओं ने समाज और पुलिस प्रशासन दोनों को चिंता में डाल दिया है।
कोरबा में दिल दहला देने वाली घटना
23 अप्रैल 2026 को कोरबा जिले के बुंदेली गांव में एक बेहद क्रूर वारदात सामने आई। पोल्ट्री फार्म में चौकीदारी करने वाले 58 वर्षीय सालिक राम यादव ने मामूली विवाद और पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते अपनी पत्नी चेचबाई की हत्या कर दी। आरोपित ने गला काटकर सिर धड़ से अलग कर दिया। घटना के बाद उसकी मानसिक स्थिति इस कदर विचलित थी कि वह कटा हुआ सिर लेकर गांव की गलियों में घूमता रहा।
अन्य जिलों में भी सामने आए मामले
ऐसी ही एक घटना धमतरी जिले में सामने आई, जहां पति ने हंसिया से पत्नी की हत्या कर दी। वहीं दुर्ग जिले में घरेलू विवाद के चलते पत्नी ने अपने पति की जान ले ली। इन घटनाओं से यह स्पष्ट हो रहा है कि छोटे-छोटे विवाद भी अब गंभीर अपराध का रूप ले रहे हैं।
हत्या के पीछे चार प्रमुख कारण
पुलिस रिकार्ड के विश्लेषण से सामने आया है कि इन हत्याओं के पीछे चार मुख्य कारण हैं। अत्यधिक नशा और शराब की लत, जीवनसाथी के चरित्र पर संदेह, मोबाइल फोन और इंटरनेट मीडिया का बढ़ता हस्तक्षेप, तथा लंबे समय से चल रही घरेलू हिंसा। ये सभी कारक मिलकर रिश्तों में तनाव को बढ़ा रहे हैं।
10 वर्षों में बढ़ती हिंसा का आंकड़ा
पिछले एक दशक के आंकड़े इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं। वर्ष 2016 से 2025 के बीच देश में पार्टनर द्वारा हत्या के मामलों में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर कुल हत्याओं में लगभग 10 प्रतिशत मामले अवैध संबंधों और तात्कालिक गुस्से से जुड़े पाए गए हैं। प्रदेश में भी वर्ष 2022 के बाद हत्याओं में क्रूरता का स्तर तेजी से बढ़ा है।
हाल के प्रमुख मामले
केस-1
अप्रैल 2026 में रायपुर के सेमरिया गांव में बर्खास्त पुलिसकर्मी गुलाब साहू ने घरेलू विवाद और चरित्र संदेह के चलते पत्नी और सौतेली बेटी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।
केस-2
दुर्ग के छावनी थाना क्षेत्र में हीरामणी साहू ने अपने पति डोमनलाल साहू की सिलबट्टे से वार कर हत्या कर दी। दोनों के बीच शराब पीने को लेकर अक्सर विवाद होता था।
एक्सपर्ट व्यू: सनक और मनोरोग का मिश्रण
हत्या के बाद शव को क्षत-विक्षत करना गंभीर मनोरोगों का परिणाम है। ऐसे अपराधी अक्सर साइकोपैथी या असामाजिक व्यक्तित्व विकार से ग्रस्त होते हैं, जिनमें सहानुभूति और पश्चाताप की कमी होती है। कई बार मतिभ्रम के कारण वे हकीकत से कटकर जघन्य अपराध कर बैठते हैं।
– डॉ. मीता झा, मनोविज्ञानी
अब पछतावे में बहा रहा आंसू
सालिक अपनी पत्नी से बेहद प्रेम करता था, लेकिन चरित्र पर शक और क्षणिक गुस्से ने उसे हत्यारा बना दिया। आरोपित अब अपने किए पर पछता रहा है, किंतु उसकी एक सनक ने चार बच्चों के सिर से माता-पिता का साया छीन लिया है। ऐसे मामले में उम्रकैद की सजा होती है।
-विनोद सिंह, प्रभारी, रजगामार पुलिस चौकी
समाधान: रिश्तों को बचाने के उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार अविश्वास और संवादहीनता ही अधिकांश विवादों की जड़ है। रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।
पारदर्शी संवाद: संदेह को मन में रखने के बजाय खुलकर बातचीत करें।
गोपनीयता कम करें: मोबाइल और पासवर्ड जैसी चीजों में पारदर्शिता रखें।
मौन का महत्व: बहस बढ़ने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें।
काउंसलिंग की मदद: समस्या बढ़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लें।







