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*रायपुर में ‘मैरिज स्कैम’: शादी का झांसा देकर बुजुर्ग से 9 लाख की ठगी*

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रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़)  राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। शादी का झांसा देकर एक 80 वर्षीय बुजुर्ग से 9 लाख, 50 हजार रुपए की ठगी की गई। घटना आजाद चौक थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मैरिज ब्यूरो से शुरू हुआ संपर्क

पुलिस के अनुसार, हांडीपारा एचएमटी चौक निवासी मनहरण लाल टिकरिहा, जो रविशंकर विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त टेक्नीशियन हैं, ने अपनी शादी के लिए दिल्ली के एक मैरिज ब्यूरो से संपर्क किया था। इसी दौरान उन्हें “रजनी शर्मा” नाम की महिला का मोबाइल नंबर दिया गया।

महिला ने खुद को कोरबा निवासी और रेलवे इंजीनियर के पद से रिटायर्ड बताते हुए बातचीत शुरू की। कुछ ही दिनों में उसने बुजुर्ग का विश्वास जीत लिया और शादी का प्रस्ताव रख दिया।
फोन कॉल से बनाया भरोसा, फिर शुरू हुई पैसों की मांग

14 जून 2025 को पहली बार फोन पर बातचीत के बाद आरोपी ने 15 जून को कॉल कर घर में शादी का बहाना बनाते हुए 1.50 लाख रुपए की मांग की। पीड़ित ने भरोसे में आकर अपने एसबीआई खाते से चेक के माध्यम से 1.40 लाख रुपए जमा कर दिए।

इसके बाद 18 जून को एक अन्य अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें बताया गया कि “रजनी शर्मा” का पटना में एक्सीडेंट हो गया है और ऑपरेशन के लिए पैसों की जरूरत है। भावनात्मक रूप से प्रभावित होकर पीड़ित ने फिर 1.50 लाख रुपए भेज दिए।
अलग-अलग बहानों से लगातार ठगी…

आरोपी ने इसी तरह कभी इलाज, कभी पारिवारिक जरूरत और कभी अन्य इमरजेंसी का हवाला देकर लगातार पैसे मंगवाए। यह सिलसिला 15 जून 2025 से 9 जनवरी 2026 तक चलता रहा। इस दौरान पीड़ित ने अलग-अलग तारीखों में कुल 9 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
मोबाइल बंद होते ही खुली ठगी की सच्चाई

मार्च 2026 से आरोपी का मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। लगातार संपर्क नहीं होने पर पीड़ित को शक हुआ और तब जाकर ठगी का पूरा मामला सामने आया। इसके बाद उन्होंने थाना आजाद चौक में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
इन धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66D, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

“मैरिज स्कैम” का बढ़ता खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में ठग पहले भावनात्मक जुड़ाव बनाते हैं, फिर विश्वास हासिल कर पैसों की मांग करते हैं। बुजुर्ग और अकेले लोग इनके आसान निशाने बनते हैं।

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