बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) बेलगहना चौकी क्षेत्र के ग्राम रतखंडी में एक युवक की हत्या कर उसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए युवक के पिता, भाई और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने पहले युवक की हत्या की और बाद में कीटनाशक पिलाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया।
एसडीओपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि ग्राम रतखंडी में रहने वाले उमेन्द सिंह पटेल ने बुधवार की सुबह बेलगहना चौकी पहुंचकर सूचना दी थी कि उसके 23 वर्षीय पुत्र गौरीशंकर पटेल ने जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली है। इस पर पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 194 के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल पर पहुंचे चौकी प्रभारी हेमंत सिंह को युवक के शव और परिस्थितियां संदिग्ध लगीं।
अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर फारेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल और शव का बारीकी से निरीक्षण कराया गया। जांच के दौरान युवक के शरीर पर चोट के निशान मिले। वहीं घटनास्थल से कीटनाशक की खाली शीशी भी मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों से हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने युवक के पिता और भाई समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया है। वहीं, नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है।
गांव वालों से पूछताछ में गहराया संदेह, बयान से खुला राज
गांव में पूछताछ के दौरान पता चला कि गौरीशंकर शराब का आदी था और आए दिन परिवार वालों से विवाद करता था। घटना की रात भी वह अत्यधिक नशे में घर पहुंचा और मारपीट पर उतारू हो गया। इसी दौरान उसके पिता उमेन्द सिंह पटेल, भाई शिवशंकर पटेल और नाबालिग ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। आरोपित ने युवक के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।
आत्महत्या साबित करने लाश को पिलाई कीटनाशक
हत्या के बाद आरोपित पकड़े जाने के डर से सहम गए। उन्होंने घटना को आत्महत्या साबित करने के लिए घर में रखी कीटनाशक दवा मृतक के मुंह में डाल दी और आसपास फैला दी, ताकि मामला जहर सेवन का लगे। अगले दिन पिता ने गांव वालों और पुलिस को आत्महत्या की झूठी सूचना दी।
बेलगहना पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में साक्ष्य छिपाने और एक राय होकर अपराध करने के आरोप में धारा 238 और 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई है।






