दुर्ग:(सियासत दर्पण न्यूज़) दुर्ग जिले के ग्राम थनौद में 29 मई को आयोजित सुशासन तिहार के दौरान हुए विवाद के मामले में जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अंजोरा निकुम भाजपा मंडल के महामंत्री पुराण देशमुख के साथ कथित अशिष्ट व्यवहार के आरोपों के बाद की गई है।
दुर्ग संभागायुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिला पंचायत दुर्ग में प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी के रूप में कार्यरत महेंद्र कुमार जांगड़े को जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सामुदायिक भवन के भुगतान को लेकर हुई बहस
जानकारी के अनुसार, सुशासन तिहार के अंतर्गत लगाए गए जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम थनौद के पूर्व सरपंच किरण देशमुख के पति तथा भाजपा मंडल महामंत्री पुराण देशमुख अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। गांव में पूर्व में निर्मित सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य और उसके भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है।
पुराण देशमुख इसी विषय में जानकारी लेने के लिए सीईओ रूपेश पांडेय से चर्चा कर रहे थे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ गया और मामला बहस तक पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान सीईओ ने आपत्तिजनक लहजे में बातचीत की।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा मामला
घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में विवाद के दौरान दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर भी मौजूद दिखाई दिए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर विधायक की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए जाने लगे।
नोटिस के बाद हुई निलंबन की कार्रवाई
वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने दुर्ग संभागायुक्त को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि जन समस्या निवारण शिविर के दौरान आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही सामने आई है।
इसके बाद 30 मई को सीईओ रूपेश पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दुर्ग संभागायुक्त ने रूपेश पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।






