*2 साल से फरार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा*

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रायगढ़। (सियासत दर्पण न्यूज़) कोतवाली पुलिस ने “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत हत्या के प्रयास के एक चर्चित मामले में लगभग दो वर्ष से फरार चल रहे आरोपी संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार पिता गुरदीप सिंह, निवासी रैया थाना व्यास जिला अमृतसर (पंजाब), हाल मुकाम कालीनिकेतन मंदिर के पीछे रेलवे कॉलोनी, चाहत शुक्ला का घर, रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि इसी प्रकरण में पूर्व में तीन आरोपियों राजवीर सिंह, जसदेव सिंह उर्फ जस्सू कंग एवं राज बरेठ को हत्या के प्रयास के अपराध में दोषसिद्ध पाए जाने पर माननीय न्यायालय द्वारा पिछले साल 30 अक्टूबर 2025 को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। फरार रहने के कारण आरोपी संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार के विरुद्ध कोतवाली पुलिस द्वारा धारा 193(9) BNSS के तहत फरारी में चालान प्रस्तुत किया गया था।

क्या था मामला

दिनांक 07 दिसम्बर 2024 की रात्रि साहिल ठाकुर अपने मित्रों अनुज गुप्ता, आकिब खान एवं संगम देहरी के साथ पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित जिम के सामने आग ताप रहे थे। इसी दौरान स्विफ्ट डिजायर कार में सवार जसदेव सिंह उर्फ जस्सू, सन्नी सरदार, सोनी पाण्डेय, राज कर्क, अर्जुन पटेल, राजवीर सरदार एवं उनके अन्य साथी मौके पर पहुंचे और अश्लील गालियां देते हुए साहिल ठाकुर की हत्या करने की नीयत से लोहे की रॉड एवं डण्डों से हमला कर दिया। हमले में साहिल ठाकुर के सिर, चेहरे, जबड़े, हाथ एवं पैरों में गंभीर चोटें आईं तथा उसका दांत टूट गया एवं जबड़ा अपनी जगह से अलग हो गया। आरोपियों ने उसे मृत समझकर घटनास्थल से फरार हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे अमन सिंह ठाकुर के साथ भी लोहे की रॉड से मारपीट की गई, जिससे उसे भी गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद घायल साहिल ठाकुर को जिला अस्पताल रायगढ़, मेडिकल कॉलेज, जिंदल अस्पताल, अपेक्स अस्पताल होते हुए उपचार के लिए रायपुर स्थित बालाजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका उपचार हुआ। मामले में अमन सिंह ठाकुर की लिखित शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ में अपराध क्रमांक 741/2024 धारा 296, 351 (2), 115 (2), 109, 191 (2), 191 (3) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। अन्वेषण के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से रक्तरंजित एवं सादी मिट्टी जब्त की। घायल साहिल ठाकुर द्वारा घटना के समय पहना गया खून से सना एवं फटा हुआ हुडी भी जप्त किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों के आधार पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डण्डा, बांस का डण्डा, लोहे की रॉड तथा स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई। विवेचना पूर्ण होने पर आरोपी राजवीर सिंह, जसदेव सिंह उर्फ जस्सू एवं राज बरेठ के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां दिनांक 30 अक्टूबर 2025 को तीनों आरोपियों को हत्या के प्रयास के अपराध में दोषसिद्ध पाते हुए 10-10 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया।

प्रकरण के अन्य आरोपी संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार अपने साथियों को सजा होने के बाद गिरफ्तारी के भय से लगातार फरार चल रहा था। थाना प्रभारी कोतवाली द्वारा “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत उसकी गिरफ्तारी के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया था। इसी दौरान प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त बांस का डण्डा बरामद किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, सहायक उप निरीक्षक गौतम ठाकुर एवं कोतवाली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

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