Home / छत्तीसगढ़ / *बिना विभागीय जांच बर्खास्तगी असंवैधानिक: हाई कोर्ट*

*बिना विभागीय जांच बर्खास्तगी असंवैधानिक: हाई कोर्ट*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बालोद जिले के जनपद पंचायत डोंडीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा एक नियमित सहायक शिक्षक पंचायत को बिना विभागीय जांच के सेवा से हटाने के आदेश को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने शिक्षिका की सेवा बहाल करने के निर्देश दिए हैं और कहा कि नियमित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।

कुल करीब 233 दिनों तक अनुपस्थित रहीं

नगर पंचायत अर्जुन्दा (तहसील गुंडरदेही) निवासी कुमारी तस्लीम बानो की नियुक्ति 9 जून 2005 को शासकीय प्राथमिक शाला शिकारीटोला में सहायक शिक्षक पंचायत (शिक्षाकर्मी ग्रेड-3) के रूप में हुई थी। 13 अगस्त 2009 को उनकी सेवाएं नियमित कर दी गई थीं। इसके बाद वह विभिन्न अवधियों में कुल करीब 233 दिनों तक अनुपस्थित रहीं।

जनपद पंचायत डोंडीलोहारा के सीईओ ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद 24 अगस्त 2021 को उन्हें सेवा से हटा दिया। इसके खिलाफ शिक्षिका ने वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

प्रक्रिया पूरी किए सेवा से हटाना कानून के विरुद्ध

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और ज़ैनब वनाक ने तर्क दिया कि नियमित कर्मचारी होने के कारण बर्खास्तगी से पहले छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के नियम-7 के तहत विभागीय जांच आवश्यक थी। बिना आरोप पत्र और जांच प्रक्रिया पूरी किए सेवा से हटाना कानून के विरुद्ध है।

नियमों के तहत कार्रवाई की गई

वहीं जनपद पंचायत की ओर से अधिवक्ता कात्यायनी विष्णुप्रिया ने तर्क दिया कि शिक्षिका लंबे समय से अनुपस्थित थीं और कई नोटिस दिए जाने के बावजूद उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की, इसलिए नियमों के तहत कार्रवाई की गई।

हाई कोर्ट का फैसला

न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडे ने कहा कि 1997 के नियम केवल अस्थायी कर्मचारियों पर लागू होते हैं। चूंकि याचिकाकर्ता की सेवाएं वर्ष 2009 में नियमित हो चुकी थीं, इसलिए उनके मामले में 1999 के नियमों के तहत विभागीय जांच करना अनिवार्य था। विभाग ने न तो औपचारिक आरोप पत्र जारी किया और न ही जांच की प्रक्रिया पूरी की। इसलिए 24 अगस्त 2021 का बर्खास्तगी आदेश असंवैधानिक है और इसे निरस्त किया जाता है।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page