ग्वालियर। (सियासत दर्पण न्यूज़) देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बने देश के पहले दिव्यांग खेल स्टेडियम की खुद सरकार बेकद्री कर रही है। इस केंद्र में 2023 यानी जब से यह बना है कोई डायरेक्टर ही नियुक्त नहीं किया गया और पद खाली पड़ा है। इसके अलावा यहां डिप्टी डायरेक्टर भी नहीं है। दिव्यांगों का यह सबसे महत्वपूर्ण सेंटर कैसे चल रहा होगा? यह पता नहीं।
राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं यहां पहले हो चुके हैं और खुद इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्टूबर 2023 को किया था। केंद्रीय खेल मंत्रालय के अधिकारी को इस केंद्र का चार्ज दे रखा है लेकिन स्थापना से यहां स्थायी नियुक्ति सरकार नहीं कर पाई है। यहां प्रतिष्ठित खेल आयोजनों के लिए खिलाड़ियों के कैंप लगते हैं, इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां व्यवस्थाओं और निगरानी की कितनी जरूरत है।
बने हैं दो स्वीमिंग पूल
बता दें कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इस अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र ग्वालियर में दो स्वीमिंग पूल बने हैं। इनमें से एक 50 मीटर का ओलिंपिक साइज स्वीमिंग पुल है, वहीं दूसरा 25 मीटर का प्रैक्टिस स्वीमिंग पूल है। ओलिंपिक साइज स्वीमिंग पूल की गहराई मानकों के अनुरूप दो मीटर है, वहीं प्रैक्टिस वाले की 1.2 से 1.4 मीटर तक है।
170 करोड़ रुपये की लागत से केंद्र सरकार ने इस प्रशिक्षण केंद्र को पायलट प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया। यहां दो अहम पद डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर दोनों खाली होने से सेंटर पर प्रभाव पड़ रहा है लेकिन फिलहाल कोई सुध लेने वाला नहीं है।
डायरेक्टर पद के लिए निकलती है भर्ती, होती नहीं
डायरेक्टर पद के लिए भर्ती पहले कई बार निकल चुकी है लेकिन इस पद पर कोई नियुक्ति नहीं हो पाती है। इस भर्ती को लेकर कई लोगों के आवेदन भी आए थे लेकिन इस पद पर भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
विश्वस्तरीय केंद्र के रूप में किया गया विकसित
अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग खेल प्रशिक्षण केंद्र भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत ‘दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग’ द्वारा स्थापित एक स्वायत्त संस्था है।
34 एकड़ के विशाल परिसर में फैला यह केंद्र
देशभर के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए खेल प्रशिक्षण और विकास के एक विश्व-स्तरीय केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य आधुनिक बुनियादी ढांचे और पेशेवर कोचिंग के माध्यम से प्रतिभा को निखारना, खेल कौशल को बेहतर बनाना और समावेशिता को बढ़ावा देना है। यह केंद्र अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय खेल सुविधाओं से लैस है, जिससे दिव्यांग खिलाड़ियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण का माहौल मिलता है।






