अंबिकापुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) बलरामपुर जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय हाथी दांत तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। विभाग की संयुक्त टीम ने रामानुजगंज के एक धर्मशाला में दबिश देकर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से हाथी का तीन नग जबड़ा बरामद किया है। आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वन विभाग वन्यजीव अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को बलरामपुर वन विभाग की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि रामानुजगंज नगर स्थित निजी धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में हाथी दांत की अवैध खरीद-फरोख्त के उद्देश्य से कुछ लोग ठहरे हुए हैं। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
तलाशी के दौरान कमरे से हाथी का तीन जबड़ा बरामद किया गया। मौके पर मौजूद तीनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में संतोष कुमार विश्वकर्मा (34 वर्ष) निवासी तुकबेरा, पोस्ट कंडा, थाना नवाबाजार, जिला पलामू (झारखंड), अजय कुमार गुप्ता (49 वर्ष) तथा संतोष कुमार रजक (50 वर्ष), निवासी रामानुजगंज शामिल हैं।
आरोपितों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48(क), 50, 51 एवं 52 के तहत कार्रवाई की गई है तीनों आरोपितों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज के न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वन विभाग ने बताया कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।
विभाग की लगातार दूसरी कार्रवाई
वन विभाग ने कुछ दिन पहले सूरजपुर जिले के भैयाथान क्षेत्र में तस्करों से बाघ की खाल सहित पैंगोलिन का शल्क जब्त किया था। इस बात का अंदेशा जताया जा रहा है कि सूरजपुर और बलरामपुर जिले में अंतरराज्यीय वन्य जीव तस्कर सक्रिय हैं। विभाग गिरफ्तार किए गए लोगों की सूचना पर जांच में जुटी है।






