Home / राजधानी / * मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान का बड़ा असर*

* मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान का बड़ा असर*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

प्रदेश में बिजली बचत की नई मिसाल: जुलाई में 94 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता 400 यूनिट तक की राहत श्रेणी में

रायगढ़ क्षेत्र में 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता आधे रह गए, जून की तुलना में जुलाई में घरेलू बिजली खपत 24 प्रतिशत घटी

मानसून और जनजागरूकता से ऊर्जा संरक्षण को मिली गति, अधिक उपभोक्ता बने राहत योजना के पात्र

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम ऊर्जा) का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मानसूनी मौसम और ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ी जनजागरूकता के चलते रायगढ़ क्षेत्र में जुलाई माह के दौरान घरेलू बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक सीमित रखने में सफल रहे और मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के तहत राहत पाने के पात्र बने।

रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिलों को शामिल करने वाले रायगढ़ क्षेत्र के बिजली विभाग के विश्लेषण के अनुसार कुल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं में लगभग 94 प्रतिशत उपभोक्ता अब 400 यूनिट तक की खपत वाली श्रेणी में आ गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार जून माह में क्षेत्र के कुल 2 लाख 44 हजार 869 घरेलू उपभोक्ताओं में से 2 लाख 15 हजार 891 उपभोक्ता 400 यूनिट तक की श्रेणी में थे। जुलाई में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 31 हजार 43 हो गई। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 28 हजार 978 से घटकर केवल 13 हजार 826 रह गई। अर्थात एक ही महीने में इस श्रेणी के उपभोक्ताओं की संख्या में लगभग 52 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

घरेलू बिजली खपत के कुल आंकड़ों में भी उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला। जून माह में घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा 48.924 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली की खपत की गई थी, जबकि जुलाई में यह घटकर 37.031 मिलियन यूनिट रह गई। इस प्रकार कुल मासिक घरेलू बिजली खपत में लगभग 24 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

400 यूनिट तक की श्रेणी में बिजली खपत जून के 29.926 मिलियन यूनिट से घटकर जुलाई में 28.468 मिलियन यूनिट रही। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की खपत 18.998 मिलियन यूनिट से घटकर मात्र 8.563 मिलियन यूनिट रह गई, जो लगभग 55 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी है।

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख कारण रहे। पहला, जुलाई माह में लगातार हुई अच्छी मानसूनी बारिश के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य शीतलन उपकरणों का उपयोग काफी कम हुआ। दूसरा, मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान का लाभ प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट के भीतर रखने का प्रयास किया। इससे न केवल योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचा, बल्कि ऊर्जा संरक्षण को भी व्यापक प्रोत्साहन मिला।

श्रेणीवार विश्लेषण भी इस परिवर्तन की पुष्टि करता है। जुलाई में 401 से 600 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में लगभग 46 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि 600 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 62 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे स्पष्ट है कि अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं ने भी अपने उपयोग में उल्लेखनीय कमी लाई है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में भी उपभोक्ता बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाते रहे, तो प्रदेश में बिजली की मांग संतुलित बनी रहेगी। साथ ही अधिकाधिक परिवार मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान का लाभ प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम होने के साथ ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को भी निरंतर बढ़ावा मिलेगा।

 

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page