बलौदाबाजार,, सियासत दर्पण न्यूज़,अब जिले के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में मिल्क पाउडर और वनस्पति तेल से तैयार एनालॉग (नकली) पनीर परोसना महंगा पड़ेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार से पूरे छत्तीसगढ़ में ऐसे पनीर के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। अब केवल गाय या भैंस के दूध से तैयार असली पनीर ही बेचा और खाद्य पदार्थों में उपयोग किया जा सकेगा। नियम का उल्लंघन करने वाले होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों का खाद्य लाइसेंस निरस्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इस फैसले का सबसे अधिक असर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ेगा, क्योंकि शाही पनीर, कड़ाही पनीर, पनीर बटर मसाला, मटर पनीर सहित अधिकांश व्यंजनों में कम कीमत वाला एनालॉग पनीर बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। अब सामान्य थाली हो या स्पेशल थाली, हर जगह केवल असली दूध से बना पनीर ही परोसा जाएगा। स्थानीय व्यापारियों और खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, जिले में उपयोग होने वाला बड़ी मात्रा का एनालॉग पनीर ट्रेन के माध्यम से पहले भाटापारा पहुंचता है। वहां से बसों और अन्य यात्री वाहनों के जरिए बलौदाबाजार, सिमगा, पलारी, कसडोल, लवन, सुहेला सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति की जाती है। सबसे अधिक खपत होटल, ढाबों और छोटे रेस्टोरेंट में होती है, जहां कम लागत के कारण इसका उपयोग किया जाता रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि एनालॉग या अमानक पनीर निम्न गुणवत्ता के कच्चे माल से तैयार किया गया हो तो इसके सेवन से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं- पेट दर्द, गैस, उल्टी और दस्त जैसी दिक्कतें। बार-बार सेवन करने पर मोटापा और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा। हृदय रोग के मरीजों के लिए अधिक ट्रांस फैट नुकसानदायक हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले तेल के उपयोग से लीवर और अन्य अंगों पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा का कहना है कि अब जिले में होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और डेयरी प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाएगी। जहां भी प्रतिबंधित एनालॉग पनीर का उपयोग या बिक्री मिलेगी, वहां खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। असली पनीर में हल्की दूध की खुशबू और प्राकृतिक स्वाद होता है। नकली पनीर में तेलीय स्वाद और दूध की सुगंध कम होती है। असली पनीर नरम और स्पंजी होता है, जबकि नकली पनीर रबर जैसा महसूस हो सकता है। गर्म करने पर असली पनीर आकार बनाए रखता है, जबकि नकली पनीर तेल छोड़ सकता है। संदिग्ध गुणवत्ता खरीदने से बचें। हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने सिमगा तहसील के ग्राम औरेठी स्थित अमृतमय फूड्स प्रालि में कार्रवाई करते हुए लगभग 100 किलोग्राम अमानक पनीर नष्ट कराया था। खाद्य कारोबार से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सिमगा और भाटापारा के आसपास के कुछ दूरस्थ इलाकों में बिना लाइसेंस नकली पनीर बनाने की छोटी-छोटी फैक्ट्रियां भी संचालित होने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। यहां मिल्क पाउडर, वनस्पति तेल और अन्य सामग्री मिलाकर पनीर जैसा उत्पाद तैयार किया जाता है, जिसे सस्ते दाम पर बाजार में खपाया जाता है। विभाग अब ऐसे अवैध निर्माण स्थलों पर भी कार्रवाई की तैयारी में है।






