रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की शुरुआत सबसे पहले दुर्ग-भिलाई से होगी। इसके बाद बिलासपुर और रायपुर में सेवा शुरू करने की योजना है। हालांकि, रायपुर शहर को अभी लगभग एक साल तक इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि यहां ई-बस संचालन के लिए जरूरी डिपो और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण अभी पूरा नहीं हो सका है।
तीन माह के भीतर बसों का संचालन शुरू हो जाएगा
अधिकारियों का दावा है कि दुर्ग-भिलाई में बसों के संचालन के लिए एजेंसी तय करने के साथ बुनियादी सुविधाएं पूरी कर ली गई हैं। तीन माह के भीतर बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे पहले दिसंबर 2025 तक बसें शुरू करने का दावा किया गया था, जो अब तक हवा में है।
कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी मिली
सितंबर 2024 में योजना के तहत चार प्रमुख शहरों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा के लिए कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी मिली थी। इसमें रायपुर को सबसे अधिक 100, बिलासपुर को 50, दुर्ग-भिलाई को 50 और कोरबा को 40 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं।
डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी अब तक किसी शहर में ई-बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है। वहीं, पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के इंदौर सहित कई शहरों में इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर संचालित हो रही हैं।
अधिकांश शहरों में यात्री पुरानी सिटी बसों और निजी वाहनों पर निर्भर
बसों के संचालन के लिए चार्जिंग डिपो, विद्युत कनेक्शन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। ई-बस सेवा शुरू होने से शहरों में प्रदूषण कम करने, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने और डीजल पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। फिलहाल, प्रदेश के अधिकांश शहरों में यात्री पुरानी सिटी बसों और निजी वाहनों पर निर्भर हैं।
25 प्रतिशत ही हो पाया काम
रायपुर शहर में ई-बसों के संचालन की तैयारी तय समय से काफी पीछे चल रही है। ई-बसों के लिए आवश्यक डिपो, चार्जिंग स्टेशन और बिजली लाइन का निर्माण अब तक अधूरा है। जरवाय में करीब दो हेक्टेयर भूमि पर डिपो और चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक करीब 25 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है।
सिटी बसें हो चुकी हैं कबाड़
कोरोना काल से पहले प्रदेश के नौ शहरों में 378 सिटी बसें संचालित हो रही थीं। लंबे समय तक संचालन बंद रहने से 272 बसें कबाड़ हो गईं। अब केवल 106 बसें बची हैं, जिनमें से रोजाना 70 से 80 बसें ही सड़कों पर उतरती हैं। दुर्ग-भिलाई और जगदलपुर में फिलहाल एक भी सिटी बस संचालित नहीं हो रही है।
रायपुर में 67 बसें संचालित हो रही थीं, लेकिन कोरोना काल के बाद 32 बसें कबाड़ में पड़ी हैं। पर्याप्त सिटी बसों के संचालन नहीं होने से लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए प्रक्रिया जारी है। दुर्ग-भिलाई में डिपो और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण पूरा कर लिया गया है। रायपुर में डिपो का निर्माण किया जा रहा है। सुमित अग्रवाल, सीईओ, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा)






