रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) रायपुर नगर निगम की जोन-8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल की शिकायत पर कांग्रेस पार्षद संदीप साहू के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि पार्षद ने जोन कमिश्नर से गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने और देख लेने की धमकी दी।
जोन कमिश्नर ने शिकायत में बताया कि घटना के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने अपने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पार्षद के खिलाफ शिकायत करने नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी भी थाने पहुंचे थे। वहीं, पार्षद संदीप साहू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है।
बता दें कि संदीप साहू वीर सावरकर नगर वार्ड से कांग्रेस पार्षद हैं। वह पहले रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं।
कर्मचारियों के भुगतान को लेकर हुआ विवाद
जोन कमिश्नर की शिकायत के मुताबिक, घटना 11 अगस्त की सुबह करीब 11:50 बजे की है। उस समय वह नगर निगम मुख्यालय के सभाकक्ष में विज्ञापन से जुड़े प्रशिक्षण में मौजूद थीं। इसी दौरान उनके मोबाइल पर कांग्रेस पार्षद संदीप साहू के नंबर से फोन आया।
शिकायत के अनुसार, पार्षद ने अपने वार्ड में सफाई ठेकेदार के कर्मचारियों के भुगतान के बारे में पूछा। जोन कमिश्नर ने बताया कि कर्मचारियों को उनकी वास्तविक उपस्थिति के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। इस बात पर पार्षद ने उनके साथ गाली-गलौज की।
जोन कमिश्नर ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि पार्षद ने उन्हें जान से मारने और देख लेने की धमकी भी दी।
मुझे और बच्चों को खतरा
जोन कमिश्नर ने शिकायत में बताया कि घटना के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने अपने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस से पार्षद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
गाली-गलौज और धमकी का आरोप पूरी तरह गलत
वहीं, एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस पार्षद संदीप साहू ने वीडियो जारी किया। इस वीडियो उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। कांग्रेस पार्षद ने कहा कि अपने वार्ड से जुड़े कामों को लेकर उन्होंने जोन कमिश्नर से सवाल किए थे।
संदीप साहू का आरोप है कि कमीशन नहीं देने पर सफाई कर्मचारियों की संख्या कम करने की बात कही जा रही थी। उन्होंने बताया कि पहले प्रशासनिक स्तर पर 70 कर्मचारियों की संख्या तय की गई थी और इसी आधार पर ठेकेदार ने फाइल आगे बढ़ाई थी। बाद में कहा गया कि कमीशन नहीं देने पर कर्मचारियों की संख्या घटा दी जाएगी।
संदीप साहू ने सवाल उठाया कि कमीशन किस आधार पर मांगा जा रहा है और ठेकेदार इसे क्यों दे। उन्होंने आरोप लगाया कि जोन में ठेकेदारों से कमीशन लिए बिना फाइल आगे नहीं बढ़ाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। यह पूरा सिस्टम अवैध वसूली का केंद्र बन गया है।
इस पूरे मामले पर जोन-8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल ने बताया कि पार्षद संदीप साहू का उन्हें फोन आया था। उस समय वह ट्रेनिंग में थीं। पार्षद ने अपने वार्ड में सफाई ठेकेदार के कर्मचारियों के पेमेंट के बारे में पूछा और कहा कि पेमेंट में कटौती क्यों की जा रही है।
उन्होंने पार्षद से कहा कि कोई कटौती नहीं हो रही है। आयुक्त के आदेश के मुताबिक कर्मचारियों की जितनी वास्तविक उपस्थिति होगी, उसी के आधार पर पेमेंट किया जाएगा।
कमिश्नर के मुताबिक, पार्षद ने पूरा पेमेंट करने की बात कही, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद पार्षद ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी।






