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*बैंक खाता किराए पर देने वाले युवक का 5 राज्यों की साइबर ठगी से लिंक*

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बलौदाबाजार। (सियासत दर्पण न्यूज़) साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराकर ठगी की रकम खपाने के मामले में मल्हार पुलिस ने बलौदाबाजार निवासी युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि युवक ने कमीशन के लालच में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में अपना खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इस खाते के माध्यम से पांच अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी की रकम ट्रांसफर कराई गई।

पीएचक्यू साइबर सेल से मिले लेयर-1 म्यूल अकाउंट की जांच के निर्देश के बाद चौकी प्रभारी के मार्गदर्शन में आरक्षक श्याम लाल सोनवानी ने केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल पर उपलब्ध डाटा की पड़ताल की। इस दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र का एक संदिग्ध खाता पुलिस के रडार पर आया।

पांच राज्यों में दर्ज थीं साइबर ठगी की शिकायतें

पोर्टल के रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि उक्त बैंक खाते के खिलाफ पहले से पांच अलग-अलग साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज थीं। बैंक स्टेटमेंट खंगालने पर सामने आया कि पांच राज्यों के पीड़ितों से ठगी गई रकम सीधे इसी खाते में ट्रांसफर कराई गई थी।

रकम खाते में पहुंचते ही आरोपित और उसके साथी सक्रिय हो जाते थे। ट्रांजक्शन हिस्ट्री से पता चला कि यूपीआई और एटीएम के माध्यम से कुछ ही मिनटों में रकम निकालकर दूसरे खातों में खपाई जाती थी। इससे पुलिस या बैंक की ओर से खाता फ्रीज किए जाने से पहले ही रकम को आगे ट्रांसफर किया जा सके।

कमीशन के लालच में बना ठगों का फाइनेंशियल पार्टनर

पुलिस जांच में सामने आया कि बलौदाबाजार के परसाडीह वार्ड क्रमांक-4 निवासी बलवन घृतलहरे ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत सदोष लाभ कमाने के लिए अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। आरोप है कि वह ठगी से प्राप्त रकम को छिपाने और उसे आगे ठिकाने लगाने में मददगार बना।

मल्हार पुलिस सहायता केंद्र की जांच के आधार पर मस्तूरी थाने में आरोपित के खिलाफ बीएनएस की धारा 61, 317(5) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। शून्य पर दर्ज प्रकरण को नंबरी अपराध में तब्दील कर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।

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