अंबिकापुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) सूरजपुर जिले में शिक्षिका और उसके बेटे की हत्या का पुलिस ने राजफाश कर दिया है। इस जघन्य हत्याकांड को किसी और ने नहीं, बल्कि मृतका की सहकर्मी शिक्षिका के पति ने ही अंजाम दिया था। आरोपित प्रवेश उर्फ परवेश कुमार (36) है, जो चोपड़ा कालोनी विश्रामपुर में रहता है और मूल रूप से राजीव कॉलोनी, कैथल रोड करनाल हरियाणा का रहने वाला है।
उसने मृतका की सहकर्मी शिक्षिका से विवाह किया था। आरोपित ने 19 लाख रुपये के लोन की रकम हड़पने के लालच में पहले शिक्षिका रजनी बरेठ की बेरहमी से हत्या की और फिर राज खुलने के डर से उसके बेटे सुजल बरेठ को भी मौत के घाट उतार दिया।
मालूम हो कि 10 अक्टूबर को महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने थाना जयनगर पुलिस को सूचना दी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास नाली में एक युवक का शव पड़ा है। शव की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में सिर और सीने पर वार कर हत्या की पुष्टि हुई।
इधर 11 अक्टूबर को मृतक के मामा अविनाश बरेठ ने थाना विश्रामपुर में सूचना दी कि उसकी बहन रजनी बरेठ जो ममता कालोनी केशवनगर में किराए पर रहकर शिक्षिका का काम करती थी, उसका मोबाइल नौ अक्टूबर से बंद आ रहा है।
पुलिस के साथ किराए के मकान का ताला तोड़ा गया तो अंदर बाथरूम में रजनी का शव पड़ा मिला। गला घोंटकर उसकी भी हत्या की गई थी।दोनों मामलों में थाना जयनगर और विश्रामपुर में धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था
सीसीटीवी में काले टी-शर्ट और सफेद गमछे से पकड़ में आया हत्यारा
आईजी सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन और एसपी योगेश कुमार पटेल की मॉनिटरिंग में जांच तेज हुई। साइबर सेल अंबिकापुर की टीम ने विश्रामपुर शहर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो ममता कालोनी स्थित मृतका के घर में एक व्यक्ति काले टी-शर्ट और सफेद गमछा ओढ़े हुए अंदर जाता और काफी देर तक रुकता हुआ दिखा। वही व्यक्ति विश्रामपुर के एक कार वॉशिंग सेंटर पर अपनी कार को धुलवाते हुए भी दिखा। इसी नंबर के आधार पर पुलिस कार मालिक तक पहुंची और आरोपित प्रवेश कुमार को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया।
कर्ज में डूबा था सहकर्मी शिक्षिका का पति, लोन की रकम पर थी नजर
पूछताछ में आरोपित प्रवेश ने बताया कि उसकी पत्नी और मृतका रजनी बरेठ दोनों एक ही स्कूल में शिक्षिका हैं, इसी कारण उसका रजनी के घर आना-जाना था। आरोपित ने मोटर पार्ट्स व्यवसाय के लिए 20 लाख रुपये का लोन ले रखा था और उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। उसे पहले से पता था कि रजनी भी 19 लाख रुपये का लोन लेने वाली है और पैसा उसके खाते में आने वाला है। इसी लालच में उसने वारदात की योजना बनाई।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
नौ अक्टूबर की दोपहर आरोपित अपनी कार वाशिंग सेंटर में धुलने के लिए छोड़कर पैदल रजनी के घर गया। घर में उस वक्त सुजल मौजूद था। थोड़ी देर बाद रजनी ड्यूटी से लौटी और सुजल ट्यूशन चला गया। अकेला पाकर आरोपित ने रजनी से पैसे मांगे, मना करने पर विवाद हो गया। आरोपित ने स्टील की पानी बॉटल से उसके सिर पर वार कर दिया। रजनी मेन गेट की ओर भागी तो आरोपित ने उसे खींचकर बाथरूम में धकेला और पैर से करीब 10 मिनट तक गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद सामान व्यवस्थित कर रजनी का स्टाल लेकर फरार हो गया।
साक्ष्य मिटाने के लिए बेटे को जंगल ले जाकर मारा
आरोपित को डर था कि सुजल ने उसे घर में देखा है और वह सबको बता देगा। इसलिए उसने सुजल को भी मारने की ठानी। वह मुंह पर गमछा और हेलमेट पहनकर रजनी की स्कूटी लेकर निकला, स्कूटी को नायरा पेट्रोल पंप के पास खड़ा कर हेलमेट झाड़ियों में फेंक दिया और फिर कार लेकर रजनी के घर के पास तिराहे पर इंतजार करने लगा। रात नौ बजे जब सुजल घर लौटा तो आरोपित ने कहा कि तेरी मम्मी मेरे घर पर है और उसे कार में बैठाकर कुम्दा होते हुए अंबिकापुर ले गया। वहां मैगी खिलाने के बाद राई जंगल में बाथरूम के बहाने कार रोकी और स्टाल से सुजल का गला घोंटा।






