छत्तीसगढ़ मौसम,,31 अक्टूबर 2026
रायपुर,, सियासत दर्पण न्यूज़,,छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिनों के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे नए सिस्टम के प्रभाव से 1 नवंबर से दक्षिण छत्तीसगढ़ में बादलों की सक्रियता बढ़ेगी। 3 नवंबर से इसका असर मध्य छत्तीसगढ़ तक पहुंच सकता है।
दिनवार मौसम अनुमान
01 नवंबर (रविवार)
बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कोंडागांव में दोपहर बाद बादल छाएंगे। किरंदुल, सुकमा और कोंटा में बारिश की संभावना अधिक है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ सकती है।
02 नवंबर (सोमवार)
जशपुर, रायगढ़ से दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों तक बादल पहुंचेंगे। शाम को रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़, धमतरी, बालोद, रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं।
03 नवंबर (मंगलवार)
राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा और जशपुर सहित कई क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही रहेगी। राजनांदगांव, तिल्दा-नेवरा और रायगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं।
04 नवंबर (बुधवार)
मध्य छत्तीसगढ़ में बादलों का जमावड़ा बढ़ेगा। रायगढ़, सक्ती, जांजगीर, बलौदाबाजार, महासमुंद, रायपुर, दुर्ग, धमतरी और बालोद में बादल छाएंगे। बस्तर संभाग के ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश के संकेत हैं।
05 नवंबर (गुरुवार)
संपूर्ण छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहने की संभावना है। रायगढ़, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, सारंगढ़ और बिलासपुर में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक हो सकती हैं। दिन के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ेगी।
06 नवंबर (शुक्रवार)
मौसम को लेकर मॉडलों में मतभेद हैं। ECMWF के अनुसार सरगुजा संभाग, रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में बादल तथा बारिश के संकेत हैं, जबकि GFS मुख्यतः शुष्क मौसम बता रहा है।
07 नवंबर (शनिवार)
बस्तर संभाग, धमतरी और गरियाबंद में कहीं-कहीं हल्की बारिश संभव है। शेष प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है।
विशेष विश्लेषण
4 से 6 नवंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। इसके बाद आसमान साफ होने पर ठंड का प्रभाव बढ़ सकता है।
छत्तीसगढ़ मौसम – बादल बोले तो हम बताएं। नोट: यह पूर्वानुमान ECMWF, GFS और ICON मॉडल के विश्लेषण पर आधारित है। मौसम में बदलाव संभव है, इसे अंतिम चेतावनी न मानें।





