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*कांग्रेस का दिवालियापन आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक और बौद्धिक है: नड्डा*

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नयी दिल्ली । (सियासत दर्पण न्यूज़) भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने देश में लोकतंत्र खत्म होने के कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस अप्रासंगिक हो गयी है और उसका दिवालियापन आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक और बौद्धिक है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरूवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में सरकार पर कांग्रेस के बैंक खातों को बंद करने का आरोप लगाया और कहा कि देश में लोकतंत्र खत्म हो गया है। श्री नड्डा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा , “ कांग्रेस को जनता पूरी तरह से खारिज कर देगी और ऐतिहासिक हार के डर से उनके शीर्ष नेतृत्व ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और भारतीय लोकतंत्र तथा संस्थानों के खिलाफ बयानबाजी की। वे आसानी से अपनी अप्रासंगिकता का दोष ‘वित्तीय परेशानियों’ पर मढ़ रहे हैं। दरअसल, उनका दिवालियापन आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक और बौद्धिक है।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अपनी गलतियों को सुधारने के बजाय,कांग्रेस अपनी परेशानियों के लिए अधिकारियों को दोषी ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि चाहे वह आयकर अपीलय न्यायाधिकरण हो या दिल्ली उच्च न्यायालय दोनों ने कांग्रेस से नियमों का पालन करने और बकाया करों का भुगतान करने के लिए कहा है लेकिन पार्टी ने कभी ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा , “ जिस पार्टी ने हर क्षेत्र, हर राज्य और इतिहास के हर पल में लूट की हो, उसके लिए वित्तीय लाचारी की बात करना हास्यास्पद है। जीप से लेकर हेलिकॉप्टर घोटाले से लेकर बोफोर्स तक सभी घोटालों से जमा हुए पैसे का इस्तेमाल कांग्रेस अपने चुनाव प्रचार में कर सकती है।” श्री नड्डा ने कहा , “ कांग्रेस के पार्ट टाइम नेता कहते हैं कि भारत का लोकतंत्र होना झूठ है – क्या मैं उन्हें विनम्रतापूर्वक याद दिला सकता हूं कि 1975 और 1977 के बीच केवल कुछ महीनों के लिए भारत एक लोकतंत्र नहीं था और उस समय भारत की प्रधान मंत्री कोई और नहीं बल्कि श्रीमती इंदिरा गांधी थीं।”

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