*उद्योग की प्रगति के लिए जीएसटी के नियमों का सरलीकरण जरूरी *

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) कपड़ों के क्षेत्र में रायपुर कपड़ा बाजार काफी बड़ा है और कारोबार की दृष्टि से भी इसे मध्यभारत का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार माना जाता है। लाइफस्टाइल और कपड़ों की बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां उपलब्ध है। क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि यहां कारोबार की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए निश्चित रूप से रेडिमेड कपड़ों का मैन्युफैक्चरिंग का काम भी होना चाहिए। इसके लिए सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, साथ ही व्यापार-उद्योग की प्रगति के लिए जीएसटी के नियमों का सरलीकरण जरूरी है। ऐसी पालिसियां लाई जाए जिससे कि व्यापार उद्योग जगत के साथ ही आम उपभोक्ताओं को भी फायदा पहुंचे। रायपुर होलसेल होजियरी एवं रेडीमेड पूर्व अध्यक्ष विजय मुकीम ने कहा, व्यापारिक प्रगति की दृष्टि से हमारा शहर आज काफी आगे बढ़ते जा रहा है और महानगरों का स्वरूप ले लिया है। बाते चाहे कपड़ा मार्केट की हो या आटोमोबाइल या किसी अन्य सेक्टर की। हर सेक्टर में तरक्की हो रही है। सरकार को चाहिए कि ऐसी पालिसी बनाई जाए जिससे व्यापार-उद्योग की रफ्तार और ज्यादा होगा। इसके साथ ही आने वाले दिनों में रेडीमेड गारमेंट की मैन्युफैक्चरिंग का काम भी यहां शुरू होना चाहिए। कारोबारी जयचंद नवानी ने कहा, केंद्र की सारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही ऐसी विकासपरक योजनाएं बनाई जाए,जिसे व्यापार-उद्योग के साथ ही आम जनता का भी भला हो। जीएसटी के नियमों के कारण इन दिनों व्यापार जगत को काफी परेशानी हो रही है, ऐसे में जीएसटी के नियमों का सरलीकरण जरूरी है। साथ ही अधोसंरचना का विकास जरूरी है। रियल इस्टेट कारोबारी रवि फतनानी ने कहा, व्यापार-उद्योग की प्रगति के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि जीएसटी के नियमों का सरलीकरण किया जाए। जीएसटी के कड़े नियमों से व्यापार जगत परेशान है। इसके साथ ही एमएसएमई नियमों में सुधार किया जाए। साथ ही रियल इस्टेट को भी उद्योग का दर्जा मिलना चाहिए,ताकि रियल इस्टेट सेक्टर की रफ्तार और ज्यादा बढ़ सके। रियल इस्टेट को उद्योग का दर्जा मिलने से इस सेक्टर की रफ्तार बढ़ जाएगी।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page