*”एर्राबोर कांड: माओवादियों का दो घंटे का हमला, 35 ग्रामीण मरे और 220 घर जलाए”*
सुकमा। (सियासत दर्पण न्यूज़) चार दशक तक बस्तर की धरती पर दहशत का पर्याय रहा माओवाद अब अंतिम दौर में है, लेकिन उसकी क्रूरता के निशान आज भी ग्रामीणों के दिलों में ताजा हैं। 17 जुलाई 2006 की वह काली रात, जब एर्राबोर राहत शिविर पर माओवादियों ने हमला बोला था। आज भी इसको याद…
