Home / National / *योगी ने लिख दी थी हेमामालिनी की बंपर जीत की स्क्रिप्ट*

*योगी ने लिख दी थी हेमामालिनी की बंपर जीत की स्क्रिप्ट*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

मथुरा,,,,,(सियासत दर्पण न्यूज़) अभिनय के क्षेत्र में दशकों तक राज करने के बाद राजनीति के गलियारों में भी पिछले दस सालों से आकर्षण का केंद्र बनी हेमामालिनी की मथुरा लोकसभा क्षेत्र से बंपर जीत की पटकथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही लिख दी थी। हेमा को टिकट मिलने के बाद योगी ने एक पखवारे से कम समय में मथुरा में दो बार आकर प्रबुद्धजन सम्मेलन में शिरकत की और यहां के चर्चित चेहरों को को मान सम्मान देकर उन्हें इस महायज्ञ में अपनी आहुति देने के लिए प्रेरित किया। योगी ने भाजपाइयों में जोश भरने का प्रयास किया, उसका असर ठंडा पड़ता कि उन्होंने एक जनसभा के माध्यम से आम नागरिको, बुद्धजीवियों एवं पार्टी के लोगों में जोश भरने की कोशिश की। योगी के भाषणों से जनता को पता लगा कि मथुरा के विकास के लिए उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन हेमा के बार बार ब्रज के विकास के लिए अनुरोध करने पर ही हुआ था। इसी क्रम में उन्होने जनता को यह भी बताया कि हेमा के अनुरोध पर ही ब्रज के प्रमुख धार्मिकस्थलों को तीर्थस्थलों घोषित किया गया था। योगी के ये दो खुलासे कृष्ण और यमुना भक्तों के दिलों को छू गये कि हेमा के संसद में यमुना के प्रदूषणमुक्त करने के प्रश्न करने के बाद ही गंगा और यमुना को स्वच्छ रखने के लिए नमामि गंगे योजना की शुरूवात हुई थी जिसमें गंगा निर्मल हो गईं और अब यमुना की बारी है। प्रदेश के चीनी मिल एवं गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कहा कि वैसे तो योगी मथुरा में मुख्यमंत्री रहते 42 बार आ चुके हैं तथा हर बार उन्होंने यहां के विकास का ताना बाना बुना मगर चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के बाद योगी के लगातार दो बार मथुरा आने और ब्रजवासियों को हेमामालिनी के द्वारा बताए गए काम बताने का भारी असर हेमा की जीत पर पड़ा। उन्होंने कहा कि वैसे हेमामालिनी द्वारा मथुरा के विकास में रूचि लेने के कारण उनकी लोकप्रियता का ग्राफ 2014 से 2024 तक कभी कम नही हुआ। पिछले विधानसभा चुनाव में छाता विधान सभा क्षेत्र से उन्हें जितने मत मिले थे उसी के आसपास इस बार लोकसभा चुनाव में हेमा को मिले। इन सबसे ऊपर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता ने भी असर दिखाया। हेमा ने भी पार्टी आलाकमान विशेषकर पीएम मोदी को निराश नही किया क्योंकि 75 वर्ष की आयु पूरी हो जाने के कारण यह कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार मथुरा से हेमा चुनाव नही लड़ेंगी। ऐसा इसलिए सोचा जा रहा था कि मोदी ने एक नियम बनाया था कि जो 75 वर्ष से अधिक आयु का होगा उसे टिकट नही दिया जाएगा। इसीलिए पत्रकार भी हेमा से प्रश्न कर रहे थे कि मथुरा से कौन चुनाव लड़ेगा लेकिन हेमा को भरोसा था कि कान्हा की गोपी को टिकट जरूर मिलेगा। उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब में यह भी कह दिया था कि वे मथुरा के अलावा किसी अन्य लोकसभा सीट से चुनाव नही लड़ेंगी। यदि भाजपा हाईकमान ने उन्हें टिकट दिया तो उन्होंने भी रेकार्ड मतो से मथुरा लोकसभा की सीट जीतकर पार्टी की झोली में डाल दिया। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के जीर्णोद्धार के लिए केन्द्र सरकार से 5 हजार करोड़ की धनराशि जब से हेमा ने स्वीकृत कराई थी तब से ब्रजवासी विशेषकर धार्मिकता में रंगे लोग उनके मुरीद हो गए थे।उनकी ईमानदारी पर कोई दाग न लगने और किसी भी विवाद से दूर रहने एवं सभी से समान व्यवहार करने का फायदा भी उन्हें मिला। अब हेमा के सामने उन वायदों को पूरा करने की है जिनकी घोषणा उन्होंने अपने प्रचार के दौरान की थी। अगर अपने द्वारा किये गए वायदों को हेमा पूरा करा देने में सफल होती हैं तो उनकी विजय की हैट्रिक ब्रजवासियों के लिए यादगार बन जाएगी।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page