बिलासपुर: (सियासत दर्पण न्यूज़) हाई कोर्ट ने एक सीनियर एडवोकेट द्वारा डीएनए टेस्ट करवाने के आदेश के खिलाफ दाखिल की गई याचिका को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता पर उनकी जूनियर रह चुकी महिला वकील ने शारीरिक संबंध और बच्चे के जन्म का दावा करते हुए फैमिली कोर्ट में पितृत्व परीक्षण (डीएनए टेस्ट) की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए हैं और ऐसा कोई नया आधार प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द किया जाए।








