Home / छत्तीसगढ़ / *फर्जी आर्किटेक्ट के नाम से 400 नक्शे..150 ले-आउट पास*

*फर्जी आर्किटेक्ट के नाम से 400 नक्शे..150 ले-आउट पास*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 400 नक्शे और 150 फर्जी ले-आउट पास कराकर घोटाला किया गया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नक्शा और ले-आउट घोटाला हुआ है। नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) के कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि फर्जी आर्किटेक्ट के नाम से 400 से ज्यादा नक्शा, 150 से ज्यादा ले-आउट पास करवा दिया। ये खेल पिछले 10 साल से चला रहा.

विभागीय जांच में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ गड़बड़ी की पुष्टि हुई है, जिसके बाद विभाग जल्द ही कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। निगम के आला अधिकारियों ने दफ्तर में बैठकर फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी सेम पैटर्न पर कई नक्शा और फर्जी ले-आउट पास कराने का काम किया। अब जल्द EOW इस पर जांच कर सकती है।

दरअसल, 13 मई 2025 को पुराना बस स्टैंड स्थित महुआ होटल में नगर निगम ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई नक्शे के विपरीत किए गए निर्माण को हटाने के लिए की गई। निगम के अधिकारियों ने बताया कि, होटल का नक्शा रामचंद्र लालचंदानी, दौलतराम चौधरी और महक आहूजा के नाम पर पास हुआ था।

तीनों ने भवन अनुज्ञा की शर्तों का उल्लंघन किया। ओपन स्पेस और पार्किंग के लिए निर्धारित जगह पर अवैध निर्माण कर दिया। इस प्रोजेक्ट को सुपरविजन करने का शपथ पत्र आर्किटेक्ट विकास सिंह ने दिया था। निगम ने कार्रवाई के बाद जांच की। 24 जुलाई 2025 को विकास सिंह का लाइसेंस ब्लैक लिस्टेड कर दिया।

बिलासपुर नगर निगम के मुताबिक, बिलासपुर निगम से इंजीनियर विकास सिंह को लाइसेंस क्रमांक 234 के माध्यम से पंजीकृत कराया। विकास सिंह के लाइसेंस नंबर पर ये (7415380854) मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है, जो मयूर गेमनानी नाम के व्यक्ति का है।

इसके बाद अफसरों ने आर्किटेक्ट विकास सिंह के नाम से फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। निगम के अधिकारियों ने जब जांच का दायरा बढ़ाया, तो पता चला कि आर्किटेक्ट विकास सिंह के नाम पर नक्शा पास कराने का काम नगर निगम में 10 जुलाई 2015 से शुरू हुआ, जो जून 2025 तक जारी रहा।

आर्किटेक्ट के ब्लैक लिस्ट लाइसेंस की जानकारी एसोसिएशन को हुई, तो उन्होंने विकास सिंह नाम का व्यक्ति ना होने की बात कही और निगम में लिखित जानकारी दी। एसोसिएशन से मिली जानकारी के आधार पर बिलासपुर नगर निगम के अधिकारियों ने जांच की, ताे पूरे फर्जीवाड़े की पोल खुल गई।

नक्शों के अलावा, विकास सिंह के नाम पर 150 से अधिक ले-आउट भी पास कराए गए हैं। यह काम टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं लगता। बताया जा रहा है कि टीएंडसीपी के एक अधिकारी की पकड़ इतनी मजबूत थी कि एक ही दिन में 29 फाइलों को स्वीकृति दिला दी गई।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page