Home / छत्तीसगढ़ / *बिटक्वाइन में निवेश कर डॉक्टरों का नुकसान। डॉक्टर सिर्फ अपने पैसे नहीं खो रहे हैं, बल्कि अपनी इज्जत बचाने की जद्दोजहद में उलझे हुए हैं*

*बिटक्वाइन में निवेश कर डॉक्टरों का नुकसान। डॉक्टर सिर्फ अपने पैसे नहीं खो रहे हैं, बल्कि अपनी इज्जत बचाने की जद्दोजहद में उलझे हुए हैं*

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भिलाई: दुर्ग, (सियासत दर्पण न्यूज़) भिलाई, रायपुर और कोरबा के कई डाक्टरों के लिए बिटक्वाइन निवेश अब दुःस्वप्न बन गया है। पिछले कुछ महीनों में ये डॉक्टर बड़े फास्ट दिखते हुए इस डिजिटल करेंसी में करोड़ों रुपये लगाने में जुट गए थे। शुरुआत में यह सभी अपने निवेश को एक आसान और तेज कमाई का माध्यम मान रहे थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह उलट गई है।

डाक्टरों का कहना है कि उनकी शुरुआत फास्ट मनी की लालसा से हुई। एक के बाद एक, उन्होंने अपने परिचितों और सहयोगियों को इस निवेश में शामिल किया। लेकिन, उनकी लालच इतनी बढ़ गई कि उन्होंने ठगों द्वारा बनाए गए जाल में फंसने का अंदाजा भी नहीं लगाया। शुरुआत में निवेश सुरक्षित प्रतीत हुआ, लेकिन वास्तविकता यह थी कि लेनदेन किसी भी मान्यता प्राप्त प्लेटफार्म या सुरक्षित माध्यम पर नहीं हो रहा था।

आज, जब निवेश फर्जी साबित हो गया और संबंधित ऐप बंद हो गया, तो डॉक्टर सिर्फ अपने पैसे नहीं खो रहे हैं, बल्कि अपनी इज्जत बचाने की जद्दोजहद में उलझे हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब उनके लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि कैसे अपने परिचितों और परिवार के सामने यह स्थिति समझाएं।

एक डाक्टर ने बताया कि उन्होंने बिटक्वाइन में निवेश इसलिए किया ताकि इनकम टैक्स और जीएसटी से बचा जा सके और शुद्ध मुनाफा मिल सके। लेकिन लालच में इतनी तेजी से आगे बढ़ते गए कि अपनी मेहनत की पूंजी भी आसानी से खर्च कर दी। शुरुआत में छोटे निवेश के बाद उन्होंने धीरे-धीरे बड़े-छोटे चैन बनाए और खुद को फास्ट मनी की दौड़ में शामिल कर लिया।

अब डाक्टर आपस में ही बैठकर अपनी पूंजी गवाने की कहानी साझा कर रहे हैं। किसी का कहना है कि वह लाखों रुपयं डूबते देखकर सहम गया है, तो किसी ने स्वीकार किया कि लालच में वह लगातार निवेश करता गया। अधिकांश डाक्टरों के लिए यह स्थिति मानसिक रूप से भी भारी दबाव पैदा कर रही है।

प्रश्न 1: भारत में बिटक्वाइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसी पर नियम क्या हैं?

उत्तर: भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर कोई एक केंद्रीकृत नियम नहीं है। आरबीआई, एसबीआई, एनएफटी और कुछ अन्य वित्तीय संस्थाएं सीमित नियंत्रण रखती हैं। इसका मतलब है कि क्रिप्टो निवेश पर पूरी तरह सरकारी निगरानी नहीं है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतनी जरूरी है।

रश्न 2: बिटक्वाइन पर कर संबंधी नियम क्या हैं?

उत्तर: बिटक्वाइन लाभ पर 30% टैक्स लगता है। इसके अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 42% उपकर भी लगता है। यदि किसी व्यक्ति ने 50,000 रुपये से अधिक की बिटक्वाइन बिक्री की, तो उस पर 12% टीडीएस लागू होता है। ध्यान रहे कि घाटे का इस्तेमाल मुनाफे की भरपाई के लिए नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 3: निवेश करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: निवेशक धोखाधड़ी योजनाओं से बचें। सरल मुनाफा या गारंटीड रिटर्न जैसे दावे अक्सर फ्राड होते हैं। केवल अधिकृत और विश्वसनीय प्लेटफार्म का उपयोग करें। संदिग्ध प्लेटफार्म पर टोकन न जमा करें, मुनाफा छुपाएं या गलत विवरण न दें।

प्रश्न 4: कानून का उल्लंघन होने पर क्या परिणाम हो सकते हैं?

उत्तर: अनधिकृत या गलत तरीके से बिटक्वाइन में निवेश करने पर कानून के अनुसार गंभीर दंड लग सकते हैं। गलत विवरण, छुपाया गया मुनाफा या संदिग्ध लेन-देन करने से कानूनी कार्रवाई का खतरा रहता है।

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