Home / राजधानी / *रायपुर,,सरकार से नहीं हमें सनातन विरोधियों से परेशानी : पंडित धीरेंद्र शास्त्री*

*रायपुर,,सरकार से नहीं हमें सनातन विरोधियों से परेशानी : पंडित धीरेंद्र शास्त्री*

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में शनिवार से पांच दिवसीय हनुमंत कथा की शुरुआत हुई है। जिसमें बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कथावाचन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने रविवार को मारूति मंगलम भवन प्रेस वार्ता में कहा कि बड़ी बिड़वना है कि अमीर व्यक्ति गरीब का समर्थन नहीं करता है। जातियों के नाम पर उलझे हुए हैं। इसी बात का फायदा विधर्मी उठा रहे हैं। गरीब लोगों को बरगलाकर मतांतरण करवा रहे हैं। इसी की लड़ाई लड़ रहा हूं। हिंदू-हिंदू भाई-भाई हैं।

वहीं श्रीहनुमंत कथा में बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शनिवार को कथावाचन के दौरान कहा कि हम राजनीति के नहीं सनातन धर्म और हिंदुत्व के पक्षधर हैं। पिछले दिनों बंगाल में हमें कथा करने की अनुमति नहीं मिली। वहां दीदी की सरकार है। सरकार से हमें कोई दिक्कत नहीं है। हमें सनातन के विरोध से परेशानी है। सनातन धर्म, हिंदुत्व का कहीं भी विरोध होता है तो हम टिप्पणी करते हैं। हर हिंदू को करना चाहिए।

श्री हनुमंत कथा सुनने पहुंचे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ऐसी अद्भुत हनुमंत कथा सौभाग्य से ही सुनने को मिलती है। उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री से कहा कि आज आपने छत्तीसगढ़ में होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए माओवाद के विषय पर कहा यही आपकी प्रेरणा और ताकत है। महाभक्त भगवान बजरंग बली की प्रेरणा और उनका आशीर्वाद है कि उनके चरणों की ताकत से ही छत्तीसगढ़ में समय सीमा में नक्सलवाद समाप्त होकर रहेगा, उसमें कहीं किसी को संशय नहीं है। माआवेाद के खात्मे के लिए लगातार काम भी किया जा रहा है।

हनुमंत कथा के दौरान कर सकते हैं घर वापसी जो लोग मतांतरित हो गए हैं उनके लिए बागेश्वर धाम का खुला मंच हैं। हनुमंत कथा के दौरान अपने धर्म में यानी घर वापसी कर सकते हैं। मतांतरण के विरुद्ध जशपुर और बस्तर में पदयात्रा निकालेंगे, वहां कथा भी करेंगे। जब तक बागेश्वर धाम में बन रहा कैंसर अस्पताल पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक आगे की योजना के बारे में सोच नहीं सकता। छत्तीसगढ़ में भी हम अस्पताल बनाने पर विचार करेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार ने क्या कानून बनाया है, पता नहीं है। सरकार को एक सुझाव जरूर दे सकता हूं। तहसील स्तर पर गाे अभ्यारण बनाएं। गोवंश का संरक्षण होगा। सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। गायों की सुरक्षा के लिए उनकी स्वतंत्रता की आवश्यकता है। पंडित शास्त्री ने कहा कि बुलडोजर से विचार को कायम नहीं कर सकते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। संघ ने विचारधाराओं को बचाने का काम किया है। उनकी विचारधारा ने देश में एक नई क्रांति खड़ी की है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा की बड़े भाग्य से मनुष्य तन मिलता है। उसमें भी भारत जैसा वतन मिला और सनातन जैसा धर्म। पाकिस्तान में जन्म होता तो बम बनाते, कथा सुनने का मौका नहीं मिलता। चाइना वालों को देखो लगता है कि ब्रम्हाजी ने सबको फोटोकापी बना दिया है। 84 लाख योनियों के बाद मनुष्य का तन मिलता है। इसको सार्थक बनाओ। सनातन धर्म में जन्म लेने के बाद भी कथा न सुन पाओ, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता है।

साथ ही उन्होंने कहा कि रामजी के कृपा के बिना सत्संग में नहीं आ सकते हैं। कथा सुनने आ गए ये महत्वपूर्ण नहीं है। इससे भी महत्वपूर्ण है कि कथा को आत्मा में बैठना चाहिए। जीवन को ठीक करना है तो कथा सुनना चाहिए। कथा की शुरुआत में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आयोजक बसंत अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

3
IMG-20260612-WA0029
IMG-20260612-WA0030

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page