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*शासकीय बिलासा कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने किया सांस्कृतिक धरोहर स्थलों का शैक्षणिक अवलोकन,, शाज़िया अली खान की रिपोर्ट*

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सियासत दर्पण न्यूज़ से बिलासपुर ब्यूरो चीफ डॉ शाज़िया अली खान की रिपोर्ट।

बिलासपुर।सियासत दर्पण न्यूज़,, शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिलासपुर के हिंदी, पत्रकारिता एवं संगीत विभाग की छात्राओं ने एकदिवसीय बहु-विषयक शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहरों का अवलोकन किया। यह यात्रा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. एस. आर. कमलेश के मार्गदर्शन तथा डॉ. हरिणी रानी आगर के नेतृत्व में संपन्न हुई।

भ्रमण की शुरुआत सिमगा स्थित ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर एवं शिवनाथ-खारून नदी संगम के दर्शन से हुई, जहाँ छात्राओं ने मंदिर की स्थापत्य कला, धार्मिक महत्व एवं लोक मान्यताओं का गहन अध्ययन किया। स्थानीय जनों से संवाद कर उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिकता, जनश्रुतियों एवं सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी प्राप्त की। संगम स्थल की भौगोलिक विशेषताओं एवं प्राकृतिक सौंदर्य ने छात्राओं को अभिभूत कर दिया।

इसके पश्चात दल ने घटारानी जलप्रपात का अवलोकन किया, जहाँ माँ काली एवं माँ घटारानी की प्रतिमाओं के दर्शन के साथ-साथ वहाँ की जैव विविधता, वनस्पति संपदा एवं पर्यावरणीय संतुलन का अध्ययन किया गया। जतमई जलप्रपात और कुंड के समीप स्थित माँ जतमई दाई के मंदिर में भी छात्राओं ने दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।

भ्रमण का अगला पड़ाव था राजिम, जहाँ त्रिवेणी संगम के मनोरम दृश्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यहाँ छात्राओं ने नदी संस्कृति, जल स्रोतों की पवित्रता एवं उनके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व को समझा। इसके उपरांत दल महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मभूमि चंपारण पहुँचा, जहाँ भव्य मंदिर परिसर, गौशाला, स्वयंभू महादेव मंदिर, राम-जानकी मंदिर एवं वल्लभाचार्य जी की बैठकी के दर्शन किए गए। छात्राओं ने आरती में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

इस शैक्षणिक यात्रा ने छात्राओं को शैव, वैष्णव एवं शाक्त संप्रदायों की विविध भक्ति परंपराओं, पूजा विधियों, लोकगीतों, लोककथाओं, मूर्तिकला, वास्तुकला एवं स्थापत्य कला की विविधताओं से परिचित कराया। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने इन स्थलों की लोक मान्यताओं, धार्मिक अनुष्ठानों एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों का प्रत्यक्ष अनुभव किया, जो उनके शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक बोध को समृद्ध करने वाला रहा।

इस अनुभवजन्य अध्ययन के आधार पर छात्राएं संबंधित विषयों पर परियोजना कार्य तैयार करेंगी, जिसमें उनके प्राध्यापकगण मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। यह यात्रा न केवल एक शैक्षणिक उपक्रम थी, बल्कि छत्तीसगढ़ी अस्मिता एवं भारतीय सांस्कृतिक एकता को समझने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुई।

इस यात्रा में डॉ. हेमन्त पाल घृतलहरे, डॉ. शाज़िया अली, डॉ. राजकुमार शर्मा, डॉ. मीनाक्षी पाण्डेय, डॉ. अवनीश कुमार सिंह, सुश्री अलका शुक्ला एवं दीपिका दुबे सहित कुल 50 छात्राएं सम्मिलित हुईं। कार्यक्रम की सफलता में प्राची सिंह, ज्योति राजपूत, मेघा, अनुसुइया, भावना, आकांक्षा, काजल आदि छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।
सियासत दर्पण न्यूज़ से बिलासपुर ब्यूरो चीफ डॉ शाज़िया अली खान की रिपोर्ट।

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