कोरबा। (सियासत दर्पण न्यूज़) मेडिकल कॉलेज अस्पताल के संचालन को चार साल बीत चुके है। लंबे अंतराल बाद भी पीजी क्लास के लिए प्रोफेसर के आवश्यक 96 पद में से 50 पद खाली हैं। प्राध्यापकों की पर्याप्त भर्ती नहीं होने की वजह से अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्वाध्याय के दम पर ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। नियमित प्राध्यापकों की कमी ने मेडिकल शिक्षा की लचर व्यवस्था को उजागर कर दी है। मेडिकल कॉलेज में पीजी कक्षा संचालन के लिए तीन स्तर के प्राध्यापकों की नियुक्ति करने का प्रविधान है। इनमें प्राध्यापक के अलावा एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। 22 आवश्यक पदों में केवल चार पद ही भरे हैं। इससे अध्यापन का अनुमान लगाया जा सकता है।






