सियासत दर्पण न्यूज़ से गणेश तिवारी,की खास रिपोर्ट
स्ट्रीट वेंडर्स की राष्ट्रीय आवाज़ का सियासी वार
आलोक पाण्डेय ने कहा कि रेहड़ी-पटरी पर व्यापार करने वाले लाखों लोग देश की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। वे हर राज्य, हर जाति, हर धर्म और हर भाषा से आते हैं और दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। ऐसे मेहनतकश लोगों को राजनीति का निशाना बनाना न केवल अमानवीय है, बल्कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द के लिए भी बड़ा खतरा है।
कांकेर।सियासत दर्पण न्यूज़,,देशभर के स्ट्रीट वेंडर्स की प्रतिनिधि संस्था अखिल भारतीय रेहड़ी पटरी व्यवसाय महासंघ एवं स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक पाण्डेय के एक तीखे और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बयान ने देश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। मुंबई और महाराष्ट्र के एम.सी.बी. चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद उन्होंने जहां भाजपा को जनादेश के लिए बधाई दी, वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे को कड़े शब्दों में चेतावनी देकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
देशभर के स्ट्रीट वेंडर्स संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आलोक पाण्डेय ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां अलग-अलग भाषा, संस्कृति और राज्यों के लोग मिल-जुलकर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य या शहर में भाषाई या क्षेत्रीय आधार पर जबरदस्ती करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि भविष्य में किसी भी राज्य, विशेषकर महाराष्ट्र में,मराठी या किसी अन्य भाषा को देश के अन्य हिस्सों से आए लोगों पर जबरन थोपने की कोशिश की गई, या स्ट्रीट वेंडर्स को भाषा और क्षेत्र के नाम पर डराया-धमकाया गया, तो देशभर के स्ट्रीट वेंडर्स एकजुट होकर लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक जवाब देंगे।
आलोक पाण्डेय ने कहा कि रेहड़ी-पटरी पर व्यापार करने वाले लाखों लोग देश की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। वे हर राज्य, हर जाति, हर धर्म और हर भाषा से आते हैं और दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। ऐसे मेहनतकश लोगों को राजनीति का निशाना बनाना न केवल अमानवीय है, बल्कि देश की एकता और सामाजिक सौहार्द के लिए भी बड़ा खतरा है।
भाजपा की चुनावी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह जनादेश इस बात का संकेत है कि देश की जनता विकास, स्थिरता, रोजगार और कानून-व्यवस्था की राजनीति चाहती है, न कि विभाजन, डर और नफरत की। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार स्ट्रीट वेंडर्स अधिनियम को और प्रभावी बनाएगी, रेहड़ी-पटरी वालों को सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व प्रदान करेगी तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा होने वाले उत्पीड़न पर सख्ती से रोक लगाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका संगठन पूरी मजबूती से भारतीय संविधान, समान अधिकार और राष्ट्रीय एकता के पक्ष में खड़ा है और किसी भी कीमत पर स्ट्रीट वेंडर्स के आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा।
इस बयान के बाद देश के कई राज्यों में सक्रिय स्ट्रीट वेंडर्स संगठनों में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई संगठनों ने आलोक पाण्डेय के बयान का खुलकर समर्थन करते हुए इसे गरीब, मेहनतकश और प्रवासी श्रमिकों की आवाज़ बताया है। वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नए सियासी टकराव की भूमिका तैयार कर सकता है।






