रायपुर:(सियासत दर्पण न्यूज़) पावर वितरण कंपनी के अधीन संचालित 33/11 केवी सब स्टेशनों के संचालन के लिए निकाले गए टेंडर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन की विशेष मेहरबानी से कई ठेकेदारों को बिना लेबर लाइसेंस जमा किए ही सब स्टेशन आबंटित कर दिए गए। इतना ही नहीं, टेंडर और आबंटन प्रक्रिया को स्थायी अनुमति देने के बजाय पहली बार प्रोविजिनल अनुमति प्रदान की गई है, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार पावर कंपनी ने प्रदेशभर में 1,500 से अधिक 33/11 केवी सब स्टेशनों के संचालन के लिए टेंडर जारी किया था। इसमें बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने भाग लिया। शुरुआत से ही यह टेंडर प्रक्रिया विवादों में रही। अंततः 23 ठेकेदारों को सब स्टेशनों के संचालन का जिम्मा सौंपा गया।







