रायपुर।(सियासत दर्पण न्यूज़) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त यातायात चौराहों को जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के अत्यधिक दबाव वाले पचपेड़ी नाका और बिलासपुर मार्ग पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए नए फ्लाईओवर निर्माण की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।
इस योजना के तहत पचपेड़ी नाका पर स्थित मौजूदा ओवरब्रिज के ठीक ऊपर 1.3 किलोमीटर लंबा एक और फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, बिलासपुर रोड पर स्थित भनपुरी और बिरगांव चौक को भी इस वृहद ट्रैफिक सुधार परियोजना में शामिल किया गया है।
पुराने ब्रिज के ऊपर आकार लेगा नया फ्लाईओवर
पचपेड़ी नाका पर बनने वाला यह नया ढांचा रायपुर का एक अनोखा और महत्वपूर्ण ट्रैफिक मॉडल होगा। योजना के अनुसार, नया फ्लाईओवर मौजूदा ओवरब्रिज के ऊपर से गुजरेगा। दोनों ढांचों के बीच करीब 20 फीट की ऊंचाई रखी जाएगी। यह दूरी इसलिए निर्धारित की जा रही है ताकि नीचे के हिस्से से बस, ट्रक और अन्य भारी वाहन सुगमता से गुजर सकें और ऊपर से तेज गति वाला ट्रैफिक बिना रुकावट के निकल सके। इससे जगदलपुर रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को बिना सिग्नल और बिना ट्रैफिक जाम के सीधा रास्ता मिल जाएगा।
1.3 किलोमीटर की दूरी में निर्बाध सफर
प्रस्तावित नया मार्ग पुजारी पार्क से शुरू होकर कलर्स मॉल तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 1,200 से 1,300 मीटर और चौड़ाई करीब 13.5 मीटर होगी। इस व्यवस्था से कालीबाड़ी की दिशा से आने वाला ट्रैफिक सीधे नए फ्लाईओवर पर चढ़ेगा, जबकि जगदलपुर की ओर से आने वाले वाहन बिना किसी बाधा के पुजारी पार्क की तरफ उतर सकेंगे। इससे देवपुरी, बोरियाकला, अभनपुर, धमतरी और देवपुरी जैसे इलाकों की ओर आने-जाने वाले हजारों वाहन चालकों का समय बचेगा।
भनपुरी और बिरगांव चौक पर भी सर्वे शुरू
बिलासपुर मार्ग पर रोजाना लगने वाले लंबे जाम को ध्यान में रखते हुए विभाग ने भनपुरी और बिरगांव चौक पर भी नए फ्लाईओवर निर्माण की रूपरेखा तैयार की है। इन दोनों महत्वपूर्ण चौराहों पर ट्रैफिक दबाव के अध्ययन के साथ-साथ मिट्टी परीक्षण (सॉइल टेस्टिंग) और फाउंडेशन टेस्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तकनीकी प्रक्रिया के बाद शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में ड्राइंग, डिजाइन, सर्वे और ग्राउंड टेस्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। तकनीकी रिपोर्ट तैयार होने के पश्चात पूरी परियोजना की अनुमानित लागत (एस्टीमेट) तय की जाएगी। इसके बाद अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। शासन की हरी झंडी मिलते ही निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग को उम्मीद है कि इस दूरदर्शी परियोजना के पूरे होने से जगदलपुर, धमतरी, अभनपुर और बिलासपुर मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को हमेशा के लिए जाम से राहत मिल सकेगी।






