बिलासपुर। (सियासत दर्पण न्यूज़) कोटा विकासखंड में बच्चों की पढ़ाई को दरकिनार कर निजी खेल आयोजन में शासकीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाने को डीईओ ने लापरवाही माना है और नोटिस थमाकर जवाब मांगा है। बीईओ एनके मिश्रा द्वारा उच्चाधिकारियों की बिना अनुमति के 48 शिक्षकों को कबड्डी प्रतियोगिता में तैनात करने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। परीक्षा के महत्वपूर्ण समय में शिक्षकों को मैदान में भेजने से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
कोटा में 23 से 25 जनवरी तक शहीद वीरनारायण सिंह की स्मृति में अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के 17 राज्यों की टीमें शामिल हो रही हैं। बड़े आयोजन के संचालन के लिए बीईओ एनके मिश्रा ने विवादित फैसला लेते हुए 48 नियमित और व्यायाम शिक्षकों की ड्यूटी मैदान में लगा दी। आरोप है कि इसके लिए उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से कोई विधिवत अनुमति नहीं ली। वर्तमान में स्कूलों में परीक्षाओं का दौर चल रहा है, ऐसे में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के स्कूल से नदारद होने के कारण पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है।
यह मामला तब और गरमा गया जब इसकी शिकायत जिला शिक्षा कार्यालय तक पहुंची। जांच में पाया गया कि बीईओ ने नियमों को ताक पर रखकर यह आदेश जारी किया था। बीईओ एनके मिश्रा पूर्व में भी प्रशासनिक बैठकों में फटकार खा चुके हैं। अब नए उत्पन्न हुए विवाद के बाद जिले के शिक्षा विभाग ने उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। डीईओ ने निजी कबड्डी खेल प्रतियोगिता में 48 शासकीय शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है, जिससे आगामी परीक्षा में बच्चों की पढाई पर फर्क पड़ेगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे बच्चों की शिक्षा के साथ खिलवाड़ मानते हुए बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीईओ ने कहा कि परीक्षा के दौरान शैक्षणिक कार्यों में व्यवधान डालना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विकासखंड के कई स्कूलों में शिक्षक और व्यायाम शिक्षक न होने के कारण छात्रों के सामने संकट खड़ा हो गया है। एक ओर जहां कई शिक्षक एसआइआर की ड्यूटी में लगे हुए हैं, वही 48 शिक्षकों को खेल गतिविधियों में ड्यूटी लगाने से बच्चो का कोर्स पूरा करने और परीक्षा की तैयारी का दबाव बढ जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब बीईओ कोटा विवादों में रहे हों। इससे पहले मंत्री गजेंद्र यादव की समीक्षा बैठक में भी कार्यों में लापरवाही को लेकर उन्हें कड़ी फटकार लग चुकी है। बार-बार मिल रही शिकायतों और अब बिना अनुमति शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के मामले ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
परीक्षा के समय बच्चों की पढ़ाई बाधित करना एक गंभीर मामला है। बिना पूर्व अनुमति के इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी निजी खेल आयोजन में लगाना नियम विरुद्ध है। बीईओ को नोटिस जारी किया गया है, जवाब मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी- विजय तांडे, जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर।







